[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड कोडरमा बाल विवाह पर रोक लगाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी

बाल विवाह पर रोक लगाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी

0
बाल विवाह पर रोक लगाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी

कोडरमा. जिले के छतरबर पंचायत के बाल मित्र ग्राम चेचाई में जिला विधिक सेवा प्राधिकार व कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह और महिला हिंसा पर कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया़ उद्घाटन प्राधिकार के लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा, नवल किशोर, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के परियोजना पदाधिकारी मो आरिफ अंसारी, बाल नेता बिंदिया कुमारी ने किया. मौके पर डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है. इसकी रोकथाम करना हम सब की नैतिक जिम्मेवारी है़ बाल विवाह की रोकथाम के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत इसके दोषियों को दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है़ इसकी रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत, शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, बाल संरक्षण समिति सहित बाल विवाह निषेध पदाधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की गयी है़ उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना ग्राम पंचायत, पुलिस प्रशासन, बाल विवाह निषेध पदाधिकारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दे सकते हैं. साथ ही टोल फ्री नंबर 1098 पर कर मौखिक शिकायत कर सकते हैं. अधिवक्ता नवल किशोर ने कहा कि बाल विवाह महिला हिंसा का एक बड़ा उदाहरण है, जो घरेलू हिंसा को भी बढ़ावा देता है़ कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन समर्थित चाइल्ड लेबर फ्री माइका के परियोजना पदाधिकारी मो आरिफ अंसारी ने कहा कि विगत कई वर्षों से बाल मित्र ग्राम कार्यक्रम के माध्यम से गांवों को बाल श्रम एवं बाल विवाह मुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है़ बाल विवाह की रोकथाम में कानूनी जागरूकता बहुत ही आवश्यक है. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है जिससे लोग बाल विवाह की सूचना संबंधित पदाधिकारियों को दें. कार्यक्रम में बालमित्र ग्राम बलरोंटांड़, बुच्चीटांड़, श्रमटांड़, मलियाई, चेचाई, नौवाडीह, रतनपुर एवं पहरीडीह के 400 से अधिक लोग शामिल हुए़ संचालन सुबोध कुमार व धन्यवाद ज्ञापन बिंदिया कुमारी ने किया़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel