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Home झारखण्ड कोडरमा धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं : स्वामी जी

धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं : स्वामी जी

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धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं : स्वामी जी

झुमरीतिलैया. देवीमंडप बंगाली मोहल्ला में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के छठे दिन कंस वध और भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई गयी. कथा वाचक स्वामी ओमनारायणाचार्य ने कहा कि जब भी दुनिया में अधर्म बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं. कंस के अत्याचारों से त्रस्त मथुरा वासियों को श्रीकृष्ण ने मुक्त किया और सत्य की विजय का संदेश दिया़ कंस वध के बाद स्वामी ओमनारायणाचार्य ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया. भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला और गोपियों के साथ उनके दिव्य रास का वर्णन किया़ उन्होंने बताया कि भगवान की मुरली की धुन सुनकर गोपियां खींची चली आती थीं, गोपियां वही ऋषि थे, जो भगवान राम के अवतार में उनके दर्शन से वंचित रह गये थे़ भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारिका नगरी की स्थापना की, जिसे भगवान विश्वकर्मा ने रातों-रात तैयार किया़ द्वारिका नगरी भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यता और वैभव का प्रतीक है़

आज होगा सुदामा चरित्र का वर्णन

मंगलवार को यज्ञ के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन किया जायेगा़ इस अवसर पर श्रीपति पीठ के अष्टम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य राज गोपाल जी महाराज का विशेष आगमन होगा़ आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर उपस्थित होकर कथा और भक्ति का लाभ उठाये. कार्यक्रम का समापन भगवान की महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ होगा़

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