[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड कोडरमा धनबाद से मुगलसराय तक 180 की स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें, पूर्व-मध्य रेलवे ने किया ट्रायल

धनबाद से मुगलसराय तक 180 की स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें, पूर्व-मध्य रेलवे ने किया ट्रायल

0
धनबाद से मुगलसराय तक 180 की स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें, पूर्व-मध्य रेलवे ने किया ट्रायल
ट्रायल के दौरान स्पीडोमीटर पर ट्रेन की गति को किया जा रहा चेक. फोटो: प्रभात खबर

कोडरमा से विकाश कुमार की रिपोर्ट

Indian Railways News: धनबाद से पंडित दीन दयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) मुगलसराय तक ट्रेनों की रफ्तार अब और तेज होने वाली है. पूर्व मध्य रेल ने इस रूट पर 180 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में स्पीड ट्रायल किया गया, जिससे इस परियोजना को नई गति मिली है.

जीएम और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ ट्रायल

स्पीड ट्रायल के दौरान महाप्रबंधक के साथ डीडीयू से गया तक डीडीयू के डीआरएम और गया से धनबाद तक धनबाद के डीआरएम अखिलेश मिश्र भी मौजूद रहे. इस दौरान विंडो ट्रेलिंग स्पीड ट्रायल के जरिए ट्रैक की स्थिति, सुधार कार्य और अन्य तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया गया.

ग्रैंड कार्ड सेक्शन पर खास फोकस

यह स्पीड ट्रायल डीडीयू से प्रधानखंता तक प्रस्तावित है, जिसे धनबाद-डीडीयू रेल सेक्शन का अहम हिस्सा माना जाता है. यह रूट हावड़ा से नई दिल्ली को जोड़ने वाले ग्रैंड कार्ड सेक्शन का हिस्सा है, जो बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. रेलवे द्वारा इस सेक्शन को 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन के लिए चुना गया है. इससे यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा.

पहले भी हो चुका है स्पीड ट्रायल

इससे पहले पिछले साल 4 अप्रैल को भी इसी रूट पर स्पीड ट्रायल किया गया था. उस समय ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई थी. यह परीक्षण भी सफल रहा था, जिसके बाद अब रफ्तार को और बढ़ाकर 180 किमी प्रति घंटे तक ले जाने की तैयारी की जा रही है.

कम समय में पूरी होगी लंबी दूरी

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुए पिछले ट्रायल में ट्रेन ने धनबाद से डीडीयू के बीच लगभग 400 किमी की दूरी को सिर्फ 3 घंटे 55 मिनट में पूरा किया था. वहीं धनबाद से गया के बीच 200 किमी का सफर महज 1 घंटे 57 मिनट में तय किया गया था. अब यदि 180 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चलती हैं, तो यात्रा का समय और भी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

पूर्वी भारत के लिए बड़ी सौगात

यह परियोजना पूर्वी भारत के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो सकती है. सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में इन 30 गांवों में डिजिटल इंडिया फेल, पेड़-पहाड़ पर चढ़कर मोबाइल चलाते हैं लोग

आधुनिक रेलवे की ओर बढ़ता कदम

पूर्व मध्य रेल की यह पहल भारतीय रेलवे को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ट्रैक अपग्रेड, तकनीकी सुधार और लगातार ट्रायल के जरिए रेलवे अब हाई-स्पीड नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है. आने वाले समय में इस रूट पर तेज रफ्तार ट्रेनों का संचालन शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा और अनुभव मिलेगा.

इसे भी पढ़ें: बहरागोड़ा में डिफ्यूज कर दिया गया द्वितीय विश्वयुद्ध का बम, प्रशासन ने ली सेना की मदद

Previous article जज के सामने पवन सिंह बोले- ज्योति संग नहीं रहना, मुझे तलाक चाहिए… सुनवाई में नहीं पहुंची पत्नी
Next article झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel