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लेबर कोड के खिलाफ सीटू ने किया विरोध प्रदर्शन

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लेबर कोड के खिलाफ सीटू ने किया विरोध प्रदर्शन

कोडरमा. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को देशभर में मजदूर विरोधी लेबर कोड के खिलाफ काला दिवस मनाया गया. इसी क्रम में जिला समाहरणालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. इससे पूर्व आंबेडकर पार्क से सीटू के बैनर तले विरोध मार्च निकाला गया, जिसमें लेबर कोड फाड़ दो, फेंक दो, जला दो और गुलामी का दस्तावेज़ श्रम संहिता रद्द करो जैसे नारे लगाये गये.

मार्च का नेतृत्व आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी और जिलाध्यक्ष शोभा प्रसाद ने किया. मौके पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने प्रधानमंत्री मोदी के श्रमिक हितैषी सुधार के दावों को झूठा बताते हुए कहा कि लेबर कोड मजदूरों को औपनिवेशिक दौर की गुलामी में धकेल देगा. उन्होंने कहा कि यह कानून काम के घंटे 12 तक बढ़ाने की अनुमति देता है, ट्रेड यूनियन बनाने और हड़ताल करने के अधिकार को लगभग असंभव बना देता है. साथ ही यह स्थायी रोजगार की व्यवस्था को खत्म कर फिक्स्ड टर्म रोजगार लागू करता है, जिससे ठेकेदारीकरण बढ़ेगा और युवाओं के स्थायी रोजगार का सपना टूट जायेगा.

पासवान ने आरोप लगाया कि श्रम संहिताएं मजदूरों को बिना मुआवजे और बिना पेंशन के निकालने की छूट देती हैं. यह मेहनतकश जनता के साथ विश्वासघात है और उन्हें कॉर्पोरेट घरानों की जंजीरों में बांधने जैसा है. उन्होंने कहा कि आजाद भारत में मजदूरों को गुलाम बनाने वाली चार लेबर कोड किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होंगे. हमारी मांग है कि मोदी सरकार तुरंत इन संहिताओं को वापस ले और मजदूरों व युवाओं से माफी मांगे. साथ ही झारखंड सरकार से आग्रह किया गया कि केरल की तर्ज पर राज्य में इन संहिताओं को लागू न किया जाये.

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने की और संचालन महेन्द्र तुरी ने किया. विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं शामिल हुईं, जिनमें संतोषी कुमारी, मंजू मेहता, कुमारी अनामिका, बेबी कुमारी, विमला देवी, संध्या वर्णवाल, उर्मिला देवी, प्रतिमा कुमारी, सुनीता देवी, कांति, किरण, मीना, अंजु, श्रुति, विद्या, मालीन बिरहोर, बबीता, वीणा, मुनी ललिता, आशा, सीमा, मीरा, आरती, सुधा, सुलेखा, चिंता, लता, कुसुमलता, ललिता मेहता, मुन्नी, पुनम, रीता कंचन विश्वकर्मा, स्नेहलता, बबीता भारती, अनीता, देवंती, अर्चना, संगीता सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थीं

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