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सिङबोंगा से सुख, शांति व खुशहाली की कामना की

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सिङबोंगा से सुख, शांति व खुशहाली की कामना की

तोरपा. तोरपा के जिबलोंग में रविवार को सरना धर्म सोतोः समिति का पहला शाखा स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा रविवार को आयोजित किया गया. इस अवसर पर अंतोनी मुंडा, जोहन तोपनो, ग्रेस तोपनो और अजय तोपनो की अगुवाई में अनुयायियों के साथ सरना स्थल में भगवान सिङबोंगा का पूजा-पाठ किया गया. सिङबोंगा से सुख, शांति और खुशहाली की कामना किया. इस अवसर पर धर्मगुरु सोमा कंडीर ने कहा कि सिङबोंगा की स्तुति से हमारी आत्मा में भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है. समाज में प्रेम व भाईचारा की भावना पनपती है. इससे लोभ, लालच और अहंकार जैसे बुराईयां दूर होती है. जीवन में सुख, शांति और खुशहाली आती है. उन्होंने आगे कहा कि भगवान के सामने सब बराबर हैं. जिससे सबको समान कृपा मिलती है. हमें इसके लिए सदा धर्म के रास्ते पर चलना चाहिए और समाज में प्रेम और भाईचारा के साथ रहना चाहिए. सिङबोंगा की स्तुति के साथ-साथ मनुष्य, जीव-जंतु व सारी सृष्टि का सम्मान करना ही सरना धर्म का मूल सिद्धांत है. इस अवसर पर सरना धर्मगुरु बगरय मुंडा ने कहा कि हमारे महापुरुषों ने अपने मूल धर्म को संगठित कर जिस समृद्ध समाज की कल्पना किया. वह आज भी अधूरा है. वे न केवल धर्म-संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष किया बल्कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहे. आज हम उसी धर्म-संस्कृति व जल-जंगल-जमीन की संरक्षण के लिए ही सरना धर्म कोड की मांग कर रहे हैं. अतः सरना कोड के लिए महापुरुषों से संकल्प लेकर डटकर संघर्ष करना चाहिए. कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, डॉ सीताराम मुंडा, मथुरा कंडीर, विश्राम टुटी, रमण टुटी, चोंगे मुंडा, लुथड़ू मुंडा, बिरसा तोपनो, बाजू मुंडा, लेचा बारला, जेवियर भुंइयां आदि ने अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में तोरपा, तपकारा, कमडारा, खूंटी, मुरहू, बंदगांव, गुमला, रांची सहित अन्य जगहों के सरना धर्मावलंबी शामिल हुए.

स्थापना दिवस सह सरना धर्म प्रार्थना सभा का आयोजनB

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