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ईस्टर संडे प्रेम, त्याग और आशा का प्रतीक : फादर इमानुएल बागे

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ईस्टर संडे प्रेम, त्याग और आशा का प्रतीक : फादर इमानुएल बागे

तोरपा. प्रखंड में ईस्टर संडे के अवसर पर रविवार को विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गयी. सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ चर्चों में उमड़ पड़ी. लोगों ने प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की खुशी में भजन-कीर्तन, प्रार्थना और आराधना में भाग लिया. आरसी चर्च तोरपा में फादर इमानुएल बागे ने ईस्टर संडे की धर्मविधि संपन्न करायी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आपका जीवन प्रभु यीशु मसीह के साथ ईश्वर में छिपा है. मसीह ही आपका जीवन है. जब मसीह प्रकट होंगे, तब आप भी उनके साथ प्रकट हो महिमामंडित होंगे. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु समस्त पृथ्वी जगत के लोगों के लिए जी उठे हैं. प्रभु बुराई को छोड़ कर अच्छाई की राह पर चलने का आहवान करते हैं. उन्होंने कहा कि ईस्टर संडे प्रेम, त्याग और आशा का प्रतीक हैं. उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु ने मानवता के कल्याण के लिए अपना जीवन बलिदान किया. उनके पुनरुत्थान से यह संदेश मिलता है कि सत्य और अच्छाई की हमेशा जीत होती है. इस अवसर पर फादर हीरालाल हुनि पुर्ति, डिक्कन जीवन कंडुलना, हेड प्रचारक आनंद मसीह तोपनो, सिस्टर आलमा विलुंग, सिस्टर प्रसिन्ता तोपनो, अनास्तासिया टोप्पो,, सुमन तोपनो, सिस्टर जोल्जेन, काथलिक सभा सचिव पोलिकार्प बारला आदि उपस्थित थे. गाना का संचालन युवा संघ के एमन तोपनो, विपिन कन्डीर, आकांक्षा तोपनो, सुलेखा तोपनो, जिमकोरिया बारला, हिरेन ज्योति परधिया आदि द्वारा किया गया.

ईस्टर के मौके पर गिरजाघरों में हुई विशेष प्रार्थना

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