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हड़गड़ी पूजा कर पुरखों को किया याद

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हड़गड़ी पूजा कर पुरखों को किया याद

प्रतिनिधि, तोरपा.

प्रखंड के कालेट गांव में शुक्रवार को आदिवासी सरना धर्मवलंबियों ने हड़गड़ी पूजा कर पुरखों को याद किया. गांव के पहान धनी गुड़िया पहान ने कहा कि यह हमारे पुरखों की सदियों पुरानी विरासत है. युगों-युगों से हम अपने पुरखों के इस दस्तूर का निर्वाह करते आ रहे हैं. यह हमारे मुंडा समुदाय में जन्म होने का एक सटीक प्रमाण और वास्तविक दस्तावेज है. आनेवाली पीढ़ी को इस परंपरा को बचाकर रखना होगा. बुदा मुंडा ने कहा हमारा ससन दिरी परंपरा ही नहीं बल्कि, मुंडा आदिवासियों के परंपरागत स्वशासन व्यवस्था की नींव भी है. वर्तमान समय में सैकड़ो संस्कृतियों हमारे बीच आकर हमारी संस्कृति को आघात पहुंचा है, जिससे हमारी संस्कृति पर गहरा प्रभाव पड़ा है. अतः हमें पुरखों की विरासत को बचाकर परंपरा को जीवित रखना है. जिप अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने कहा कि वर्तमान स्थिति में आदिवासी समुदाय को अपने पुरखों की व्यवस्था को बनाये रखना बेहद जरूरी है. जिससे हमारी संविधानिक व पारंपरिक अधिकार मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि पेसा जैसे कानून को तैयार किया जा रहा है. जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत को और मजबूती मिलेगी. कुदलू गुड़िया ने कहा कि मुंडा आदिवासियों का दस्तावेज कागज, कलम और किताबों पर ही सीमित नहीं है. आदिवासियों का दस्तावेज प्राकृतिक के साथ परस्पर संबंध रखते हुए साक्षात मौजूद है. मौके पर जेम्स गुड़िया, अनिल गुड़िया, मुनुवा गुड़िया, संकरी पहनाइन, रीना गुड़िया, सुनिता गुड़िया आदि उपस्थित थे.

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