[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड खूंटी प्रकृति का अनुसरण करें, आदिवासी परंपरा को बचायें

प्रकृति का अनुसरण करें, आदिवासी परंपरा को बचायें

0
प्रकृति का अनुसरण करें, आदिवासी परंपरा को बचायें

प्रतिनिधि, तोरपा.

प्रखंड के फटका पंचायत के गुटूहातू में रविवार को सरना धर्म प्रार्थना सभा सह झंडा गड़ी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ गुटुहातू के जयराम पहान की अगुवाई में पूजा पाठ कर किया गया. इस अवसर पर रोशन गुड़िया ने कहा कि आदिवासी समाज वर्षों से प्रकृति का अनुशरण करते आ रहा है. इन्होंने प्रकृति पूजा को जीवित रखा है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों को उनकी भाषा, संस्कृति, परंपरा रीति, रिवाज, नेग दस्तूर को बचाये रखना होगा. जीतू पहान ने कहा कि सरना धर्म में हमारे पुरखों की आस्था और विश्वास है, इसे बचा कर रखने की जरूरत है. जय मंगल मुंडा ने कहा कि हमें सिंगबोगा के बताये गये रास्ते पर चलना होगा. उन्होंने कहा कि जो गलत है, उसे अस्वीकार करना चाहिए. जो अच्छा है, उसे स्वीकारना चाहिए. डॉ सीताराम मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज तथा सरना धर्म को बचाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा. मौके पर उपस्थित रमन गुड़िया, हेराम्बी गुड़िया, रोशन गुड़िया, मदिराय मुंडू, दुलारी बरला, झिरगा कन्डुलना, भाजू मुंडा, जेना तोपनो, जयपाल हेमरोम, रमन टूटी सहित कर्रा, अड़की, रनिया, तोरपा व खूंटी के ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल हुए.

सरना धर्म प्रार्थना सभा आयोजित

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel