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बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग की दी गयी ट्रेनिंग

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बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग की दी गयी ट्रेनिंग

प्रतिनिधि, तोरपा समुदाय साथियों के लिए दो दिवसीय बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग का प्रशिक्षण का आयोजन तोरपा प्रदान ऑफिस में किया गया. प्रशिक्षण शिविर का समापन बुधवार को किया गया. पहले दिन चार्ट पेपर के माध्यम से वंचित गरीब परिवारों की स्थिति का विश्लेषण किया गया और उनके लिए संभावित आजीविका के अवसरों की पहचान की गयी. समुदाय साथियों ने पोल्ट्री फार्मिंग को लेकर अपने विचार साझा किया. इस बात पर भी चर्चा की गयी कि वंचित गरीब परिवारों के लिए बैकयार्ड पोल्ट्री को आजीविका विकल्प के रूप में क्यों चुना गया. समुदाय साथियों ने बताया कि बैकयार्ड पोल्ट्री कम निवेश, सीमित स्थान और कम श्रम की आवश्यकता के कारण एक व्यावहारिक और टिकाऊ आजीविका विकल्प है. प्रशिक्षण के दौरान बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग की पूरी प्रक्रिया पर भी चर्चा की. विभिन्न पोल्ट्री नस्लों, देशी नस्लों के महत्व और बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग से होने वाले नियमित लाभों को के बारे में बताया गया. प्रशिक्षण में शामिल लोगों को बताया गया कि बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के तीन प्रमुख पहलू हैं. आवास, खानपान व टीकाकरण. प्रशिक्षण के दौरान घर में आजीविका बढ़ाने के लिए अजोला की खेती और दीमक उत्पादन जैसे विकल्पों को पर भी चर्चा की गयी. प्रशिक्षण के दूसरे दिन उलीहातू गांव जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. जहां समुदाय साथियों ने अजोला बेड का निरीक्षण किया और पक्षियों के लिए प्राकृतिक आहार पूरक के रूप में दीमक उत्पादन की प्रक्रिया सिखी. ट्रेनिंग प्रदान की अनिषा और अशवहिनी द्वारा दिया गया.

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