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झारखंड का बदलता मौसम लोगों को कर रहा बीमार, 26 मार्च से बारिश और वज्रपात

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झारखंड का बदलता मौसम लोगों को कर रहा बीमार, 26 मार्च से बारिश और वज्रपात
झारखंड में अगले पांच दिन में बदलेगा मौसम.

Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत और जनजीवन पर देखने को मिल रहा है. सूबे का बदलता मौसम लोगों को बीमार कर रहा है. मौसम विज्ञान विभाग के रांची मौसम केंद्र ने अगले एक सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें तापमान बढ़ने के बाद अचानक मौसम बदलने और बारिश-वज्रपात की चेतावनी दी गई है.

अगले 5 दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी

मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है. 23 मार्च को सुबह हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा, जिसके बाद आसमान आंशिक रूप से साफ होगा और मौसम शुष्क बना रहेगा. 24 और 25 मार्च को तापमान क्रमशः 32 और 34 डिग्री तक पहुंच सकता है. इस दौरान गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा और लोगों को दिन में तपिश का सामना करना पड़ेगा.

26 मार्च से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग ने 26 मार्च से राज्य के दक्षिणी हिस्सों में मौसम बदलने का संकेत दिया है. पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला जिलों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 27 और 28 मार्च के बीच राज्य के कई इलाकों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है. यह स्थिति लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

रांची में भी दिखेगा मौसम का असर

राजधानी रांची में भी मौसम का असर साफ नजर आएगा. 27 और 28 मार्च को आंशिक बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. हालांकि, फिलहाल रांची का तापमान सामान्य से काफी कम बना हुआ है. यहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है. वहीं न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है. इसी तरह जमशेदपुर और बोकारो में भी तापमान सामान्य से 6 डिग्री से अधिक कम रिकॉर्ड किया गया.

कब-कब बदलेगा तापमान

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए तापमान का अनुमान भी जारी किया है.

  • 23 मार्च: 30 डिग्री, सुबह कोहरा, बाद में शुष्क मौसम
  • 24 मार्च: 32 डिग्री, आसमान साफ
  • 25 मार्च: 34 डिग्री, आंशिक बादल
  • 26 मार्च: 34 डिग्री, मौसम में बदलाव की शुरुआत
  • 27-28 मार्च: 30 डिग्री, बारिश और मेघ गर्जन

बदलते मौसम का सेहत पर असर

झारखंड में मौसम के तेजी से बदलते स्वरूप का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है. साहिबगंज के सदर अस्पताल में पिछले दो दिनों में करीब 15 मरीजों को भर्ती करना पड़ा है. बारिश और तापमान में बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, पेट दर्द और गैस जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. डॉक्टरों के अनुसार, मौसम के इस बदलाव में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. डॉक्टर अंकित ने सलाह दी है कि बाहर का खाना खाने से बचें, गर्म और ताजा भोजन करें और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें.

ईद के बाद खानपान भी बना वजह

साहिबगंज के सदर अस्पताल में कुछ मरीज ऐसे भी सामने आए हैं, जिन्होंने रोजा रखने के बाद ईद के दिन अधिक भोजन कर लिया, जिससे उन्हें पेट दर्द और गैस की समस्या हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि अचानक खानपान में बदलाव से शरीर पर असर पड़ता है, इसलिए संतुलित आहार लेना जरूरी है.

लोहरदगा में बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित

लोहरदगा जिले में पिछले पांच दिनों से जारी बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और कोहरे ने हालात बिगाड़ दिए हैं. शनिवार को आई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. गेहूं और सरसों की तैयार फसल बर्बाद हो गई है, जबकि आम के पेड़ों में लगे मंजर भी झड़ गए हैं. घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

किसानों पर पड़ी सबसे ज्यादा मार

इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर सब्जी और फसल उगाने वाले किसानों पर पड़ा है. महंगे बीज और खाद के इस्तेमाल के बाद तैयार फसल ओलावृष्टि में नष्ट हो गई. किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की स्थिति और भी खराब हो गई है.

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कैसे करें बचाव?

मौसम विभाग और डॉक्टरों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है कि वज्रपात के दौरान खुले स्थान पर न रहें. तेज हवा और बारिश में सुरक्षित जगह पर रहें. बाहर का खाना खाने से बचें. गर्म और ताजा भोजन करें और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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