[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड जामताड़ा ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर कार्यशाला का हुआ समापन

ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर कार्यशाला का हुआ समापन

0
ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर कार्यशाला का हुआ समापन

जामताड़ा. जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अनुसूचित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए किया गया, जिसका उद्देश्य ग्राम सभा को सशक्त बनाना था. गुरुवार को इसका समापन हुआ. कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर सोहराब अली और अजीत मुर्मू ने पंचायत प्रतिनिधियों को अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका, अधिकार और जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पेसा अधिनियम 1996 के तहत ग्राम सभा सर्वोपरि संस्था है और किसी भी योजना को ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना लागू नहीं किया जा सकता. प्रशिक्षकों ने यह भी समझाया कि स्थानीय स्वशासन व्यवस्था क्यों जरूरी है, और कैसे यह गांव के मूलभूत समस्याओं के समाधान, संस्कृति व परंपरा के संरक्षण में मदद करती है. उन्होंने झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की संरचना और कार्यप्रणाली का भी उल्लेख किया. ग्राम सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान द्वारा की जाती है और यह संस्था छोटे विवादों के समाधान, विकास योजनाओं की मंजूरी तथा गांव के सामूहिक निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की 100 अंकों की ऑनलाइन परीक्षा ली गई, जिसमें 20 प्रश्न ग्राम सभा के अधिकारों और जिम्मेदारियों से संबंधित थे. परीक्षा में सफल प्रतिनिधियों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. इस प्रशिक्षण में नारायणपुर, करमाटांड़, जामताड़ा, कुंडहित, नाला और फतेहपुर प्रखंडों के पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम प्रधानों ने भाग लिया. कार्यक्रम की निगरानी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मानस कुमार द्वारा की गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel