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मुर्शीदा खातून की मेहनत ने बदली तकदीर, बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान

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मुर्शीदा खातून की मेहनत ने बदली तकदीर, बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान

– वर्ष 2019 में जेएसएलपीएस से जुड़कर पहली बार लिया लोन संवाददाता, जामताड़ा. नाला प्रखंड अंतर्गत कस्ता गांव की रहने वाली मुर्शीदा खातून कमल आजीविका सखी मंडल की अध्यक्ष है. वह 2019 से झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ी हैं. वर्तमान में बीके एवं एक्टिव वूमेन की भूमिका निभा रही हैं. उनके परिवार में पति, सास और दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक बेटी है. पति दैनिक मजदूरी करते हैं. उनका सहयोग करती हैं. मुर्शीदा न सिर्फ इग्नू से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं, बल्कि मनिहारी और कपड़े की दुकान भी चलाती हैं, जिससे हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की आय होती है. वह अपनी सफलता का श्रेय पति शेख सद्दाम और सास को देती हैं. उन्होंने सबसे पहले 1 लाख रुपये का लोन लिया और समय पर चुका दिया. इसके बाद 60 हजार रुपये का लोन लेकर कारोबार को आगे बढ़ाया. जरूरत पड़ने पर एक बार फिर 1 लाख रुपये लेकर दुकान में नया स्टॉक डाला और लगातार तरक्की हासिल की. अपने कारोबार तक सीमित न रहते हुए मुर्शीदा आसपास की महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं. 2018 में इंटर करने के बाद कुछ कारणों से पढ़ाई रुक गयी थी, लेकिन अब वह इसे पूरा करने के साथ-साथ सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर रही हैं. सरकारी वैकेंसी पर उनकी पैनी नजर रहती है और वह परीक्षाओं में भी शामिल होती हैं. शुरुआत में कुछ लोगों ने आलोचना की कि कहां जाती हो, ग्रुप में क्यों काम करती हो, लेकिन इन टिप्पणियों का उनके हौसले पर कोई असर नहीं पड़ा. मुर्शीदा कहती हैं, मेरे लिए काम रुकना नहीं, आगे बढ़ना जरूरी है. उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि हौंसला, मेहनत और परिवार का सहयोग मिल जाए तो कोई भी महिला आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम कर सकती है.

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