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मनरेगा की योजनाएं साइबर कलंक मिटाने का प्रयास : डीडीसी

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मनरेगा की योजनाएं साइबर कलंक मिटाने का प्रयास : डीडीसी

– झारखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का किया आयोजन फोटो – 07 दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते डीडीसी व अन्य प्रतिनिधि, नारायणपुर प्रखंड सभागार में मंगलवार को झारखंड राज्य स्थापना दिवस (रजत जयंती) पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शुभारंभ डीडीसी निरंजन कुमार, प्रभारी बीडीओ देवराज गुप्ता ने किया. डीडीसी ने कहा कि मनरेगा के रोजगार से साइबर कलंक मिटाने का प्रयास किया जा रहा है. कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीणों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें. उन्होंने बताया कि वर्तमान में बागवानी और कुआं निर्माण जैसी योजनाएं काफी प्रभावी सिद्ध हो रहा है. बागवानी के तहत प्रति एकड़ 112 आम के पौधे और 80 इमारती लकड़ी के पौधे लगाए जाने हैं. डीडीसी ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोगों को केवल मिट्टी की योजनाओं तक सीमित न रखकर कुटीर उद्योगों से भी जोड़ा जाए. मुर्गी पालन जैसे कार्यों के लिए लाभुकों को शेड उपलब्ध कराया जा सकता है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो योजनाएं पुरानी हो चुकी है, उन्हें बंद कर नयी योजनाओं की शुरुआत की जाये. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी भी ऑनगोइंग योजना के रहते नयी योजना संचालित नहीं की जा सकेगी. कार्यक्रम के दौरान मनरेगा मेट व मजदूरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रशस्ति पत्र देते समय डीडीसी ने सवाल जवाब किये. हालांकि सटीक जवाब नहीं मिला. इस पर डीडीसी ने कहा कि मनरेगा से जुड़े हर एक व्यक्ति और कर्मी को योजना की जानकारी होनी चाहिए. मेट को कम से कम जानकारी तो होनी ही चाहिए. मौके पर बीपीओ वाणीव्रत मित्रा, करुणा कुमारी, एइ कुमार अनुराग, जेइ कैलाश कुमार, रवि उरांव, वकील मरांडी, गौतम मंडल, प्रखंड सहायक समीर कुमार, प्रखंड समन्वयक शैलेश कुमार, कल्याण पदाधिकारी अमरेंद्र झा उदय ओझा, प्रशांत कुमार दुबे, दशरथ सोरेन आदि मौजूद थे.

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