[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड जामताड़ा मौसम की मार से आम की खेती पर पड़ा प्रतिकूल असर

मौसम की मार से आम की खेती पर पड़ा प्रतिकूल असर

0
मौसम की मार से आम की खेती पर पड़ा प्रतिकूल असर

नाला. मौसम की मार के कारण इस साल आम की खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है. इससे किसान काफी मायूस हैं, जिस बगीचे से कभी लाख दो लाख तक की आमदनी होती थी. इस बार हजारों की आमदनी होना मुश्किल है. कुलडंगाल पंचायत के मुखिया सोनहरी हेंब्रम ने बताया कि खाली पड़ी बंजर जमीन में आम की बागवानी योजना के तहत लगभग चार एकड़ में उन्नत प्रजाति के कई किस्म के आम के पौधे लगाए गए हैं. कई साल से इस बगीचे में इतनी संख्या में आम का फल आता था कि फलों के भार से पौधे की डाल जमीन पर सट जाता था. अच्छा खासा आमदनी भी होती थी, लेकिन इस साल मौसम की बेरुखी के कारण बहुत कम पेड़ों में ही आम फले हैं. कहा कि प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी किसानों की यही स्थिति है. उन्होंने अपने अनुभव से बताया कि मंजर आने के कुछ दिन बाद थोड़ी बारिश हो जाती तो सब आम लग जाते. इस साल बारिश नहीं होने और अत्यधिक शीत के कारण ऐसा हुआ है. बताया कि आम की बागवानी से अच्छी आमदनी होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार दिख रहा था, लेकिन इस साल किसानों की आस में पानी फेर दिया है. फल कम आने से इन परिवारों का रोजगार बंद गया है. कहा कि बगीचे की देखभाल करने के लिए माली, आम को तोड़कर बाजार तक ले जाने व्यक्ति को भी इससे रोजगार मिलता था. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से दूसरे राज्यों में आम निर्यात कर करोड़ों का कारोबार करता था जो इस साल नहीं हो पायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel