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Home झारखण्ड जामताड़ा बिंदापाथर में ठंड और शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ग्रामीण इलाकों में अलाव की भी व्यवस्था नहीं

बिंदापाथर में ठंड और शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ग्रामीण इलाकों में अलाव की भी व्यवस्था नहीं

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बिंदापाथर में ठंड और शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ग्रामीण इलाकों में अलाव की भी व्यवस्था नहीं
ठंड और शीतलहर से बचने के लिए शॉल में लिपटे लोग. फोटो : एएनआई

Jamtara Weather: झारखंड के जामताड़ा जिले के बिंदापाथर में ठंड और शीतलहर से लोग परेशान हैं. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. एक पखवाड़े से तापमान में गिरावट जारी है. फलस्वरूप ठंड बढ़ रही है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठंड से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. शहरी क्षेत्र में तो अलाव की व्यवस्था प्रशासन ने की है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं हुई है.

शीतलहर और कनकनी की वजह से घरों में दुबके हैं लोग

शीतलहर और कनकनी भरी ठंड की वजह से लोग अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं. ठंड के कारण मजदूर तबके को काफी परेशानी हो रही है. दिन के 11 बजे के बाद बाजारों में कपड़ों की दुकानों में गर्म कपड़े की खरीदारी करने के लिए लोग आने लगते हैं. आमतौर पर गर्म कपड़ों की खरीदारी लोग दिसंबर महीने के अंतिम 2 सप्ताह में करते रहे हैं.

दिसंबर के पहले सप्ताह से ही लोग खरीदने लगे गर्म कपड़े

इस वर्ष दिसंबर के प्रथम सप्ताह से ही लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ने लगी. लोगों की परेशानी तब बढ़ गयी, जब होलसेलर के पास भी दिसंबर की शुरुआत में गर्म कपड़ों का स्टॉक नहीं मिल रहा था. दुकानदारों का कहना है कि कोलकाता से हर सप्ताह गर्म कपड़े मंगाये जा रहे हैं, लेकिन इस बार डिमांड अधिक होने की वजह से स्टॉक कम पड़ जा रहा है.

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Jamtara Weather: दुकानदारों को सोहराय में गर्म कपड़ों की बिक्री की उम्मीद

दूसरी तरफ, रिटेल मंडी में सर्दी के मौसम में पहने जाने वाले कपड़ों की अच्छी-खासी बिक्री हो रही है. स्थानीय कपड़ा दुकानदार कहते हैं कि पिछले एक महीने से गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी है. अभी आदिवासियों का मुख्य त्योहार सोहराय आने वाला है. उम्मीद है कि जनवरी के महीने में भी गर्म कपड़ों की बिक्री जारी रहेगी.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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