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जामताड़ा के हाइस्कूलों में नहीं हैं नियमित प्राचार्य, प्रभार के सहारे शिक्षा व्यवस्था

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जामताड़ा के हाइस्कूलों में नहीं हैं नियमित प्राचार्य, प्रभार के सहारे शिक्षा व्यवस्था

उवि और प्लस-टू में शिक्षकों के कुल 650 पद हैं स्वीकृत, मात्र 420 शिक्षक ही कार्यरत -जिले भर के 69 हाइस्कूलों में शिक्षकों की भी है भारी कमी संवाददाता, जामताड़ा. जिले के हाइस्कूलों और प्लस-टू विद्यालयों में नियमित प्राचार्यों की कमी है. इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. सभी हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालय प्रभार के सहारे संचालित हो रहे हैं. जिले में कुल 69 हाइस्कूल हैं, जिनमें 15 प्लस टू विद्यालय शामिल हैं, लेकिन किसी भी विद्यालय में नियमित प्राचार्य पदस्थापित नहीं हैं. सभी जगह प्रभारी प्राचार्य के भरोसे प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य चल रहा है. स्थिति यह है कि जिले के चार उच्च विद्यालयों में मात्र एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं. और वही प्रभारी के रूप में विद्यालय का संचालन कर रहे हैं. इनमें उवि तिलाबाद, उवि सुद्राक्षीपुर, उवि देवलबाड़ी और उवि बामनडीहा शामिल हैं. हालांकि इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के शिक्षक होने के कारण किसी तरह शैक्षणिक कार्य संचालित हो रहा है. नियमित प्राचार्य नहीं होने के कारण उच्च विद्यालय और प्लस टू विद्यालयों में वेतन निकासी की जिम्मेदारी अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी को डीडीओ के रूप में सौंपी गयी है. प्रभारी व्यवस्था के कारण प्रशासनिक कार्यों में भी परेशानी सामने आ रही है. जिले में उच्च विद्यालय और प्लस टू विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 650 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र 420 शिक्षक ही कार्यरत हैं. करीब 230 पद रिक्त रहने से कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं. शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है. क्या कहते हैं इस संबंध में डीइओ ने कहा कि जिले के हाइस्कूलों में प्राचार्यों की लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया नहीं हुई है. इस कारण प्रभार में ही काम चलाया जा रहा है.-चार्ल्स हेम्ब्रम, डीइओ, जामताड़ा

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