वर्ष 2045 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने का रखा है लक्ष्य
कंपनी ने अप्रैल 2023 और जनवरी 2024 के बीच लगाये 2 लाख पौधे
जमशेदपुर. हर साल 22 अप्रैल को दुनियाभर में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है. टाटा स्टील विकास की दौड़ के साथ-साथ प्रकृति के साथ संतुलन बनाने की भूमिका वर्षों से निभा रही है. इसी कड़ी में टाटा स्टील ने 17 साइटों के लिए जैव विविधता प्रबंधन योजनाएं विकसित की हैं. इसमें झारखंड के झरिया में 110 एकड़ लीजहोल्ड और बंजर सामुदायिक भूमि पर बांस के बागान लगाना भी शामिल है. इसके अतिरिक्त, गम्हरिया में 30 एकड़ के बंजर राख के टीले पर एक समृद्ध जैव विविधता पार्क, कैलाश टॉप बनाने से वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है और 25,000 पौधों और झाड़ियों के साथ जैव विविधता को बढ़ावा दिया है. कंपनी ने अप्रैल 2023 और जनवरी 2024 के बीच अपने लोकेशंस में 2,00000 पौधा लगाया है. टाटा स्टील ने अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और सस्टेनेबल अभ्यासों की ओर बढ़ने के प्रयास में 2045 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के टाटा समूह के घोषित उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है. इस पहल में कई तरह की योजनाएं शामिल हैं, जो न केवल कारोबार संचालन और वैल्यू चेन को डीकार्बोनाइज़ करने पर ध्यान केंद्रित करती हैं, बल्कि संसाधनों की खपत और अपशिष्ट को कम करने के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित और पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक व्यवस्थित, सर्कुलर इकोनॉमी दृष्टिकोण को भी अपनाती हैं. वैश्विक जागृति के दौरान टाटा स्टील दूरदर्शिता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गयी है. सस्टेनेबल अभ्यासों की ओर बढ़ने की आवश्यकता को पहचाना और इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं.