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Home झारखण्ड जमशेदपुर पहले पति गया, अब बेटा भी…! झारखंड के किरीबुरू के सड़क हादसे में उजड़ गया एक मां का संसार

पहले पति गया, अब बेटा भी…! झारखंड के किरीबुरू के सड़क हादसे में उजड़ गया एक मां का संसार

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पहले पति गया, अब बेटा भी…! झारखंड के किरीबुरू के सड़क हादसे में उजड़ गया एक मां का संसार
सड़क हादसे में शिकार पवन करूआ की बहन सुमित्रा (बाएं) और मां. फोटो: प्रभात खबर

Jharkhand Road Accident: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र में सोमवार को बस और बाइक की भीषण टक्कर ने एक मां की दुनिया उजाड़ दी. इस दर्दनाक सड़क हादसे में 15 वर्षीय पवन करूआ की इलाज के दौरान मौत हो गई. पवन जैसे ही जिंदगी की दहलीज पर कदम रख रहा था, काल ने उसे लील लिया.

अस्पताल पहुंचते ही टूट गई मां की आखिरी उम्मीद

इस सड़क हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल पवन को पहले किरीबुरू सेल अस्पताल लाया गया. हालत नाजुक देख उसे तुरंत टिस्को अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही हॉस्पिटल कैंपस में चीख-पुकार शुरू हो गई.

परिवार की इकलौती उम्मीद था पवन

पवन करूआ स्वर्गीय शिव शंकर करूआ का इकलौता बेटा था. शंकर करूआ का परिवार किरीबुरू की प्रोस्पेक्टिंग कॉलोनी में रहता है. पवन करूओ किरीबुरू के सेंट्रल स्कूल में पढ़ता था. वह परिवार का इकलौता चिराग था.

मजदूरी कर बच्चों को पाल रही थी मां

पवन के पिता शंकर करूआ का पहले ही देहांत हो चुका था. पति की मौत के बाद उसकी मां मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं. बेटे से ही उन्हें भविष्य की उम्मीद थी. लेकिन, जब बेटे की मौत की खबर मिली, तो मां बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं. उनका रुलाई सुनकर वहां मौजूद हर आदमी की आंखें आंसू से भर आईं.

अब किसके सहारे जिएगी मां

अपने जिगर के टुकड़े को खोने के बाद पवन की मां का बुरा हाल है. रोते-रोते मां बार-बार यही कहती रहीं, “पहले मेरे पति को ले गया भगवान… अब मेरा बेटा भी छीन लिया. अब मैं किसके सहारे जियूं?”

पवन की बहन सुमित्रा का रो-रोकर बुरा हाल

पवन की बहन सुमित्रा का भी रो-रोकर बुरा हाल है. वह अपने भाई की तस्वीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोती है. वह रोते-रोते कहती है, “मेरा एक ही भाई था. अब मैं किसे भैया कहूं?”

हादसे में दो अन्य युवक भी गंभीर

हादसे के वक्त पवन बाइक पर पीछे बैठा था. इस दुर्घटना में बाइक चला रहे अभिमन्यु पान और लख्खी करूआ भी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें किरीबुरू सेल हॉस्पिट से फर्स्ट एड देने के बाद राउरकेला हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है.

पुलिस ने दर्ज किया बयान, पोस्टमार्टम की तैयारी

घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना की सब-इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी हॉस्पिटल पहुंचीं. पवन की मां और बहन का बयान दर्ज किया. इसके बाद डेड बॉडी को टिस्को के मर्चरी हाउस में सुरक्षित रखवाया गया है. उसे मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा भेजा जाएगा.

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पूरे इलाके में छाया है मातम, हर जुबां पर सवाल

इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. हर आंख नम है और हर जुबां पर बस एक ही सवाल है, ”आखिर कब रुकेगी सड़क पर मौत की ये रफ्तार?”

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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