जमशेदपुर. जमशेदपुर फुटबॉल क्लब की टीम ने रविवार को जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गये इंडियन सुपर लीग के एक मैच में मोहम्मडन स्पोर्टिंग को को 1-0 से मात दी. जीत के साथ जेएफसी को कुल तीन अंक मिले. वहीं, जेएफसी के स्ट्राइकर मदीह तलाल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया. मदीह तलाल ने मैच का इकलौता गोल किया. तलाल ने विरोधी पर बनाया दवाब लगभग एक वर्ष के अंतराल के बाद जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गये इस मुकाबले के शुरुआत से ही दर्शकों का उत्साह देखने को मिला. जेएफसी के मदीह तलाल शुरू से ही जोश में दिखे. उन्होंने मिडफील्ड में खेल को संभाला, पास बनाए और अपनी क्रिएटिविटी से लगातार विरोधी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की. जेएफसी को नौवें मिनट में ब्रेकथ्रू मिला. मिडफ़ील्ड से बॉल मिलने के बाद, तलाल ने कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़कर गोल किया. इस गोल के साथ जेएफसी ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. मैच के 32वें मिनट में जेएफसी को बढ़त को दोगुना करने का मौका मिला. जब, मेसी बाउली ने सनन के एक सटीक क्रॉस पर हेडर से गोल कर दिया. लेकिन रेफरी ने गोल को ऑफसाइड करार दिया. हाफ टाइम पूरी तरह से जेएफसी के पक्ष में रहा. दूसरे हाफ में जेएफसी की टीम नयी रणनीति के साथ मैदान में उतरी. जेएफसी के मुख्य कोच ओवन कॉयल ने 65वें मिनट में रेई ताचिकावा की जगह निकोला स्टोजानोविक को मैदान में उतारा ताकि मिडफील्ड में नयी उर्जा मिल सके. जैसे-जैसे दूसरा हाफ आगे बढ़ा, मेन ऑफ स्टील ने ज्यादा अटैकिंग इरादा दिखाया. बॉल को तेजी से आगे बढ़ाया और दूसरे गोल के लिए जोर लगाया. लगातार दबाव और आखिरी तीसरे हिस्से में लगातार कोशिशों के बावजूद, वे फिनिशिंग टच नहीं दे पाए. जेएफसी का डिफेंस रहा मजबूत मैच के दौरान जेएफसी का डिफेंस बेहद मजबूत व अनुशासित दिखा. एजे व प्रतीक ने विरोधी खिलाड़ियों के लिए परेशानी खड़ी की. मैच में मोहम्मडन स्पोर्टिंग को भी कुछ मौके मिले. लेकिन जेएफसी के शानदार डिफेंस के कारण वे गोल करने में असमर्थ रहे. जेएफसी का अगला मैच जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 21 फरवरी को पंजाब एफसी से होगा. मुकाबले पर दिखा भारत-पाक मैच व शिवरात्री का असर जेआरडी में खेले गये मोहम्मडन स्पोर्टिंग व जमशेदपुर एफसी के बीच खेले गये मुकाबले पर भारत-पाक के बीच खेले गये विश्वकप कप मैच और शिवरात्री का असर देखने को मिला. मैच का आनंद लेने के लिए मात्र सात हजार दर्शक ही स्टेडियम पहुंचे. वहीं, जेएफसी ने द्वारा पूर्ण रूप से डिजिटल टिकट पद्धति अपनाने का असर भी देखा गया. टेक्नोलॉजी को समझने में भी कई लोगों को दिक्कत हुई.