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Home झारखण्ड जमशेदपुर जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश को मिला सम्मान, जान दांव पर लगाकर ले आए 45,000 मीट्रिक टन गैस

जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश को मिला सम्मान, जान दांव पर लगाकर ले आए 45,000 मीट्रिक टन गैस

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जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश को मिला सम्मान, जान दांव पर लगाकर ले आए 45,000 मीट्रिक टन गैस
मुंद्रा पोर्ट पर टीम 'शिवालिक' को सम्मानित करते कैप्टन संतोष कुमार और आईओसीएल के अधिकारी (बीच में सम्मानित होते जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी).

जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट

Jamshedpur News: भारत के करोड़ों लोगों का पेट भरने के लिए जान दांव पर लगाकर हजारों मीट्रिक टन गैस लाने वाले जमशेदपुर के फौलादी बेटे अंश त्रिपाठी मंगलवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सम्मानित किए गए. अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी जीत हासिल हुई है. शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का विशालकाय गैस टैंकर ‘शिवालिक’ मुंद्रा पहुंचने के बाद अब एक और बड़ा जहाज ‘नंदा देवी’ 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वडीनार पोर्ट पहुंच गया है. इस मिशन की सफलता में जमशेदपुर के होनहार सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई, जिन्हें उनकी टीम के साथ मंगलवार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.

​एमएमडी कांडला और आईओसीएल ने दिया अवार्ड

मंगलवार को ​मुंद्रा पोर्ट पर आयोजित समारोह में एमएमडी कांडला के प्रिंसिपल ऑफिसर कैप्टन संतोष कुमार एस. डारोकर और आइओसीएल (इंडियन ऑयल) की टीम ने ‘शिवालिक’ के क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया. इस दौरान जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी को उनकी तकनीकी कुशलता और जोखिम भरे हालातों में जहाज को सुरक्षित तट तक लाने के लिए सम्मानित किया गया. उनकी टीम की इस उपलब्धि को देश के ऊर्जा संकट को टालने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

​होर्मुज स्ट्रेट पार कर लाया गया ‘नीला ईंधन’

‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ दोनों जहाजों ने दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पार कर भारत में प्रवेश किया है. जहां ‘शिवालिक’ 46,000 टन गैस लेकर मुंद्रा आया, वहीं ‘नंदा देवी’ के वडीनार पहुंचने से देश के सुरक्षित स्टॉक में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. इससे रसोई गैस की सप्लाई अब सामान्य होने की दिशा में है.

अब छोटे जहाजों से शहरों तक पहुंचेगी गैस

​ऊर्जा मंत्रालय ने सप्लाई को और तेज करने के लिए नयी रणनीति अपनाई है. अब इन बड़े बंदरगाहों (मुंद्रा और वडीनार) से छोटे-छोटे जहाजों के जरिए देश के अलग-अलग तटीय शहरों और डिपो तक एलपीजी की सप्लाई की जायेगी .इस ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से गैस कम समय में उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी और बड़े जहाजों का बोझ भी कम होगा.

​जमशेदपुर का गौरव

​जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी ने समुद्री इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जमशेदपुर का नाम रौशन किया है. चुनौतीपूर्ण रूट पर जहाज के इंजन और तकनीकी व्यवस्था को दुरुस्त रखकर उन्होंने साबित किया कि जमशेदपुर की प्रतिभा हर क्षेत्र में अग्रणी है.

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तेल की खेप भी रास्ते में

​गैस के बाद अब कच्चे तेल की आपूर्ति भी बढ़ रही है. संयुक्त अरब अमीरात से ‘जग लाडकी’ नामक जहाज 81,000 टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा है. अगले 24 से 48 घंटों में इसके पहुंचने की उम्मीद है.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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