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जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया को लेकर एक्टिव हुआ प्रशासन, DC ने अस्पतालों का जायजा लेकर दिए सख्त निर्देश

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जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया को लेकर एक्टिव हुआ प्रशासन, DC ने अस्पतालों का जायजा लेकर दिए सख्त निर्देश
सदर अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे डीसी

Jamshedpur Brain Malaria Outbreak, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के पोटका प्रखंड में फैले ब्रेन मलेरिया (Brain Malaria) के संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन बेहद गंभीर हो गया है. इसी कड़ी में उपायुक्त राजीव रंजन ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में भर्ती ब्रेन मलेरिया से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों से सीधे मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना. उपायुक्त ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों से मिलकर एक-एक मरीज की स्थिति और उनके चल रहे इलाज की जानकारी ली. अस्पताल प्रबंधन को कड़े लहजे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी मरीजों को हर हाल में उच्च स्तरीय और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.

दवा, बेड और खून की न हो कमी

उपायुक्त राजीव रंजन ने अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी मरीज के इलाज में दवा, जांच, बेड, सलाइन या रक्त (Blood) जैसी बुनियादी चिकित्सकीय सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों की चौबीसों घंटे लगातार डिजिटल और फिजिकल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा है. निर्देश दिया गया है कि सभी मरीजों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीधी देखरेख में ही जारी रखा जाए. निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त ने राहत भरी जानकारी दी कि वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती सभी ब्रेन मलेरिया पीड़ित मरीजों की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और डॉक्टरों की एक मजबूत टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है.

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पोटका के प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे

जमशेदपुर का जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है. पोटका प्रखंड के जिन गांवों में मलेरिया के मामले सामने आए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है. मेडिकल टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जिसमें लोगों के बुखार की जांच और रैपिड मलेरिया स्क्रीनिंग की जा रही है. इसके साथ ही ग्रामीणों के बीच आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का वितरण और मच्छरदानी के सही उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इस खतरनाक संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग, रांची की एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है और कैंप लगाकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है.

सेल्फ मेडिकेशन से बचें

इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए उपायुक्त ने जिले के तमाम नागरिकों से एक विशेष अपील की है. उन्होंने कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, ठंड लगना, बदन दर्द, अत्यधिक सिरदर्द अथवा मलेरिया के कोई भी शुरुआती लक्षण दिखाई दें, तो वे खुद से दवा लेने (सेल्फ मेडिकेशन) की बड़ी गलती कतई न करें. ऐसे लक्षण दिखते ही तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मुफ्त जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा शुरू करें. उन्होंने लोगों से नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर और आसपास के परिवेश में पूरी साफ-सफाई रखने तथा कहीं भी पानी जमा नहीं होने देने की बात कही. इस मौके पर उप विकास आयुक्त (DDC), धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम और जिला स्वास्थ्य विभाग के कई आला पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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