एलपीजी गैस आधारित शवदाह संयंत्र का आज किया जायेगा उद्घाटन
गैस से दाह संस्कार करने वाला झारखंड का पहला श्मशान घाट
एक शव को जलाने में लगेगी 20 किलोग्राम एलपीजी गैस
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अब शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को न तो लकड़ियां और न ही बिजली की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अब गैस आधारित शवदाह गृह में भी शवों का अंतिम संस्कार होगा. जमशेदपुर के पार्वती घाट में एलपीजी गैस से शव के दाह संस्कार के लिए संयंत्र लगाया गया है. रविवार को इसका उद्घाटन किया जायेगा. यह प्रदूषण को कम करने के लिए आवश्यक स्क्रबर आदि के साथ एक प्रदूषण-विरोधी प्रणाली है. इसे किसी भी मौसम की स्थिति या दिन के समय में आवाजाही में आसानी के लिए शांति भवन के हाॅल के माध्यम से मौजूदा प्रतीक्षालय से जोड़ा गया है. प्रदूषण से मुक्ति के लिए करीब 100 फीट की चिमनी लगायी गयी है. दाह संस्कार में 20 किलोग्राम एलपीजी गैस लगेगी, जबकि शव एक घंटा में जल जायेगा. गैस से संचालित शवदाह गृह में 600 से 650 डिग्री तापमान पर शव का दाह संस्कार होगा. पार्वती घाट समिति के सचिव दीपेंद्र भट्ट ने बताया कि शुरुआत में एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल किया जायेगा. आने वाले समय में गैस सप्लाई के लिए गेल इंडिया की ओर से शहर में बिछायी जा रही पाइप लाइन पार्वती घाट में भी लायी जायेगी, जिसके बाद सहूलियतें और बढ़ जायेंगी.