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Home Rajya झारखण्ड विधानसभा में बोले सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल अपना रहे दूसरे राज्य

विधानसभा में बोले सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल अपना रहे दूसरे राज्य

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विधानसभा में बोले सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल अपना रहे दूसरे राज्य
झारखंड विधानसभा में भाषण देते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन.

Hemant Soren Speech: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्य कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे हैं. पहले हम दूसरे राज्यों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें अपने राज्य में अपनाते थे. अब दिन पलट गये हैं. झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल दूसरे राज्य अपना रहे हैं. यह छोटी बात नहीं है. कहावत है कि पेड़ लगायेंगे बबूल का, तो आम कहां से फलेगा. लेकिन विपक्ष द्वारा राज्य में लगाये गये बबूल के पेड़ों को हटा कर हमने आम के वृक्ष लगाये. अब उसका लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिल रहा है. वह सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद सदन में बोल रहे थे.

झारखंड में बनेगा अंगदान कानून

मौके पर उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा अंगदान पर कानून बनाने की घोषणा की. श्री सोरेन ने कहा कि दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गयी 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान उसके परिवार ने किया. उसकी माता शेरिन अब्राहम और पिता अरुण अब्राहम ने अपने जिगर के टुकड़े को देश के लिए समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान को लेकर कानून बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करेगी.

सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है विपक्ष

इसके पहले सीएम हेमंत सोरेन सदन में विपक्ष को धन्यवाद दिया. कहा कि सदन में विपक्ष के गिने-चुने लोग ही मौजूद हैं. ऐसा लगता है विपक्ष ने भविष्य में होनेवाली स्थिति को पहले ही भांप लिया है. विपक्ष की उपस्थिति देखकर लग रहा है कि वह भी सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है. इसी कारण विपक्ष ने अभिभाषण में किसी तरह का संशोधन प्रस्ताव भी नहीं लाने की जरूरत नहीं समझी. राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन के समक्ष रखा, वह सभी चीजें राज्य की जनता के सामने हैं.

देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी

सीएम ने कहा कि सबने राज्य ने डबल इंजन की सरकार का हाल देखा. कई दूसरे राज्य अभी देख भी रहे हैं. काफी जल्द देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी. कई चुनौतियों के बाद भी हमने संविधान और परंपराओं को मजबूत करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. अगर नीयत साफ और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संसाधनों में भी काफी काम कर सकती है. 25 सालों के झारखंड में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना विपक्ष के बस की बात नहीं है.

राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हम विपक्ष की बात संयम से सुनते हैं, लेकिन दिल्ली में विपक्ष के नेता को बोलने से रोक दिया जाता है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबरा गया है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड को अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है. यह बहुत बड़ी चुनौती है. केंद्र के साथ हमारे संबंध भी बहुत खुले तौर पर सबके सामने हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और दृढृ संकल्प के साथ हर असंभव काम संभव हो सकता है. सरकार की मूल जिम्मेवारी गरीब-गुरबा का सहारा बनना है और हम पूरी सफलता के साथ यह काम कर रहे हैं.

केंद्र को किसान और मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं

श्री सोरेन ने कहा कि देश व राज्य का विकास धरातल पर काम करने से होता है. झाखंड सरकार गांव से चलने वाली सरकार है. हम जानते हैं कि गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा. दिल्ली में फर्जी एआइ समिट किया जा रहा है. चीन से लाकर सामान वहां दिखाया जा रहा है. विपक्ष के शीर्ष नेताओं की यही हालत है. पूरा देश गिरवी रखा जा रहा है. केंद्र को किसान, मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं है. चर्चा धान क्रय के भविष्य पर होनी चाहिए. नमक, तेल, दाल, चावल, आटा सब बाहर से मंगायेंगे, तो यहां के किसान क्या करेंगे. किसान फिर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. देश के 80% रोज कमाने-खाने वाले लोगों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है.

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सीएम बोले : मणिपुर की हालत बिगड़ रही है

सीएम ने कहा कि मणिपुर की हालत बिगड़ती जा रही है. एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस फोर्स से खूनी संघर्ष करता है. हिंदू-मुस्लिम के जहर का समंदर बना दिया गया है. मानवता तार-तार कर दी गयी है. विरोध में आवाज उठानेवालों पर देशद्रोह का आरोप लगा कर चुप कराया जा रहा है. अब तो एआइ समिट का विरोध करने वालों को भी देशद्रोही बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वैश्विक मंच पर शिरकत करने मैं दाओस गया था, उसके मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. वहां उनका भी विरोध हुआ, लेकिन किसी को देशद्रोही नहीं कहा गया. देश ऐसे दौर से गुजर रहा है, कि देश के अंदर ही हम खुद को बेगाना महसूस करते हैं.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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