बसरिया में धरना दे रहे रैयतों को पुलिस ने हटाया, 30 हिरासत में

नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर दो दिन से आंदोलन पर थे

By SUNIL PRASAD | January 29, 2026 11:08 PM

केरेडारी. केरेडारी प्रखंड के बसरिया गांव में भू-रैयतों के धरना स्थल पर गुरुवार की रात्रि पुलिस पहुंची एवं धरना दे रहे रैयतों को हटा दिया. साथ ही धरना में शामिल 30 लोगों को हिरासत में लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक हजारीबाग से एसडीओ आदित्य पांडेय, बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार, केरेडारी थाना प्रभारी विवेक कुमार दल-बल के साथ बसरिया में रैयतों के धरनास्थल पर पहुंचे एवं धरना में शामिल जगदीश साव, अशोक साव, दशरथ मंडल समेत 30 लोगों को हिरासत में लिया. साथ ही उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया है. जिससे रैयतों एवं ग्रामीणों के बीच अफरा तफरी मच गयी. ज्ञात हो कि नॉर्थ वेस्ट कोल परियोजना में विस्थापित होने वाले रैयत अपनी मांगों को लेकर विगत 28 जनवरी से धरना पर थे. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि रैयत आंदोलन के लिए जिला प्रशासन से कोई आदेश नहीं लिये थे. जिस स्थान पर आंदोलन किया जा रहा था, वह स्थान सुरक्षित नहीं है.

भूमि अधिग्रहण कानून का दुरुपयोग कर रही कंपनी : रैयत

केरेडारी. प्रखंड के बसरिया, इतिज व सिरमा गांव के भू-रैयत मांगों को लेकर दूसरे दिन गुरुवार को भी धरना पर थे. वे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत नौकरी और मुआवजा भुगतान की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि नॉर्थ परियोजना भूमि अधिग्रहण कानून का दुरुपयोग कर रही है. गुरुवार को पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव भी धरना स्थल पर पहुंचे थे. उन्होंने कहा था कि कंपनी प्रबंधन भू-रैयतों को ठगने का काम कर रहा है. जबतक प्रबंधन भूमि अधिग्रहण कानून और लारा एक्ट के तहत जमीन, मकान, पेड़-पौधा का मुआवजा नहीं देता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

कैंप में रैयतों ने जमीन का कागजात जमा किया

धरना स्थल पर बुधवार को सीओ रामरतन कुमार वर्णवाल, बीडीओ विवेक कुमार एवं जिला परिवहन पदाधिकारी से रैयतों की वार्ता हुई थी, जिसमें रैयतों की जमीन के कागजात की जांच को लेकर गुरुवार को कैंप भी लगा. इस कैंप में एक दर्जन से अधिक रैयतों ने अपना कागजात जमा किया.