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Home झारखण्ड हजारीबाग विवि…राष्ट्रीय कार्यशाला: अनुसंधान पद्धति और एसपीएसएस पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

विवि…राष्ट्रीय कार्यशाला: अनुसंधान पद्धति और एसपीएसएस पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

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विवि…राष्ट्रीय कार्यशाला: अनुसंधान पद्धति और एसपीएसएस पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

शोध केवल तथ्यों का संकलन नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बौद्धिक जिम्मेदारी है 8हैज5में- कार्यशाला को संबोधित करते प्रो पीके मिश्रा हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन सीवी रमन विज्ञान भवन के आर्यभट्ट सभागार में किया गया. इस कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों को अनुसंधान की आधुनिक पद्धतियों, सैद्धांतिक अवधारणाओं और सांख्यिकीय उपकरणों की व्यावहारिक जानकारी देना था. कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा निदेशालय, रांची के सहयोग से हुआ. उदघाटन सत्र में वनस्पति विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो. पी.के. मिश्रा ने शोध की बुनियादी प्रविधियों और नैतिक पक्षों पर व्याख्यान दिया. उन्होंने विषय चयन, साहित्य समीक्षा, डेटा संग्रहण और शोध में मौलिकता की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि शोध केवल तथ्यों का संकलन नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बौद्धिक जिम्मेदारी है, जिसमें नैतिकता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. इस सत्र में अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. गंगानाथ सिंह ने शोध में अंतर्विषयक दृष्टिकोण और भाषा की सटीकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को समाज की व्यापक चुनौतियों को ध्यान में रखने की सलाह दी. द्वितीय सत्र में बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. इंतेखाबुर रहमान ने एसपीएसएस सॉफ्टवेयर की तकनीकी उपयोगिता पर व्याख्यान दिया. उन्होंने इसके विभिन्न मॉड्यूल्स, डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया, पैरामीट्रिक और नॉन-पैरामीट्रिक परीक्षणों की जानकारी दी. अंतिम सत्र में विज्ञान संकाय के डीन डॉ. एच.एन. सिन्हा ने पायलट स्टडी की अवधारणा पर विस्तृत चर्चा की. कार्यशाला में कुल 162 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया. संचालन मनोविज्ञान विभाग की अनु वर्मा और कुमारी प्रियंका ने किया. समापन सत्र में प्रमाणपत्र वितरण के साथ केंद्रीय विश्वविद्यालय, दक्षिण बिहार के प्रो. धर्मेंद्र कुमार एथिक्स और रिसर्च के प्रकारों पर व्याख्यान देंगे। कुलसचिव डॉ. सादिक रज्जाक भी शोधार्थियों को संबोधित करेंगे.

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