दाखिल-खारिज का रास्ता साफ, एक हफ्ते में मिलेगी वंशावली

डीवीसी के विस्थापित रैयतों का दाखिल-खारिज का मामला

By SUNIL PRASAD | June 12, 2026 9:38 PM

विष्णुगढ़. दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) के विस्थापित रैयतों के दाखिल खारिज के मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया तेज हो गयी है. अंचल अधिकारी नित्यानंद दास ने प्रखंड की छह ग्राम पंचायतों के मुखिया को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर ग्राम सभा आयोजित करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है. इनमें कुसुम्भा, बनासो, नवादा, गोविन्दपुर, नागी और भेलवारा पंचायत के मुखिया शामिल हैं. इसका उद्देश्य विस्थापित परिवारों और उनके वंशजों के दाखिल खारिज के मामलों का ऑनलाइन निष्पादन करना है.

18 मौजा के रैयतों को मिलेगा लाभ :

अंचल कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार विष्णुगढ़ अंचल के तहत आने वाले कुल 18 मौजा के विस्थापित परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. इनमें बनासो, गरहमुर्गी, जमनीजारा, जरीया, महतोईया, बरहामोरिया, भौड़ामुर्गी, गोविन्दपुर कला, गोविन्दपुर खुर्द, खम्भरा, तेतरिया, तिलैया, हेठली मुरगांव, नावाटांड, अलखरी खुर्द, खरखुदो, मानगोमहुआटांड, अरजरी तथा चितरामो विस्थापित गांव शामिल हैं. प्रक्रिया के पारदर्शी और त्वरित निष्पादन के लिए अंचल अधिकारी ने शपथ पत्र, जिसमें डीवीसी रैयत को हस्तांतरित की गयी भूमि का स्पष्ट विवरण (मौजा का नाम, रैयत का नाम, खाता नंबर, प्लॉट नंबर और रकबा) होना अनिवार्य है. यदि भूमि की खरीद-बिक्री हुई है, तो उसका विवरण भी अनिवार्य रूप से देना होगा. संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया के स्तर से सत्यापित वंशावली की प्रति जरूरी है. अंचलाधिकारी ने सभी संबंधित मुखियाओं से कहा है कि विस्थापित रैयतों के व्यापक हित को देखते हुए एक सप्ताह के अंदर ग्राम सभा का आयोजन कर सभी जरूरी दस्तावेज अंचल कार्यालय को सौंपें, ताकि ऑनलाइन दाखिल खारिज की प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके.