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कभी भी ध्वस्त हो सकता है केरेडारी का कबेद पुल

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कभी भी ध्वस्त हो सकता है केरेडारी का कबेद पुल

: कई गांव के लोग होंगे प्रभावित 29हैज1में- केरेडारी के कबेद का जर्जर पुल केरेडारी. केरेडारी प्रखंड के पांडु गांव एवं काबेद गांव को जोड़ने वाला पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है. अगर पुल ध्वस्त होता है, तो पांडु पंचायत की लगभग छह हजार एवं मनातू पंचायत की पांच हजार 200 की आबादी को परेशनी होगी. केरेडारी प्रखंड मुख्यालय से मनातू की दूरी लगभग 13 किमी है. लेकिन पुल ध्वस्त होने के बाद मनातू के लोगों को मार्ग बदल कर गांव जाने के लिए 23 किमी की दूरी तय करनी होगी. इस नदी में कोयला खनन परियोजना के गंदे पानी का बहाव किया जाता है, जिससे नदी का पानी भी दूषित हो चुका है. इसी नदी में चुआं बना कर काबेद, पांडु एवं बालेदेवरी गांव के लोग पानी इकट्ठा करते हैं, जिसका पेयजल के रूप में इस्तेमाल करते थे. लेकिन इस नदी का पानी अब जानवर भी पीना पसंद नही करते हैं. इस नदी में बने पुल का निर्माण वर्ष 1995 में जिला परिषद से किया गया है. जिसका प्राक्कलित राशि चार लाख 95 हजार थी, लेकिन अब पुल का अस्तित्व खतरे में है. इस संबंध में मनातू पंचायत की मुखिया देवयंती देवी एवं पांडु पंचायत की मुखिया सकीबा खातून ने इस नदी में पुनः पुल निर्माण के लिए अलग-अलग आवेदन एनटीपीसी महाप्रबंधक को दिया है, लेकिन अब तक उक्त पुल का जीर्णोद्धार व पुनः निर्माण नही किया गया है. क्या कहते हैं गांव के लोग : पांडू गांव में रब्बानी मियां, रौशन अंसरी, प्रदीप राम, बालकेश भगत, दीपक कुमार, नौशाद अंसारी, काबेद गांव के शमीम मिया, मो तबरेज़, रामकुमार दुबे, विक्रम दुबे, विकास दुबे समेत अन्य लोगो ने बताया कि अगर शीघ्र इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी, तो पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है. पुल गिरा, तो कई गांवों के लोग प्रभावित होंगे.

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