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Home झारखण्ड हजारीबाग हजारीबाग: 27 मई से भू-अर्जन अफसर का पद खाली, भैरवा और पंचखेरो जलाशय के रैयतों का मुआवजा अटका

हजारीबाग: 27 मई से भू-अर्जन अफसर का पद खाली, भैरवा और पंचखेरो जलाशय के रैयतों का मुआवजा अटका

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हजारीबाग: 27 मई से भू-अर्जन अफसर का पद खाली, भैरवा और पंचखेरो जलाशय के रैयतों का मुआवजा अटका
हजारीबाग भू-अर्जन कार्यालय

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh Land Acquisition, हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित जल संसाधन (सिंचाई विभाग) का विशेष भू-अर्जन कार्यालय इन दिनों पूरी तरह अधिकारी विहीन हो गया है. इस प्रशासनिक शून्यता के कारण उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले छह जिलों- हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, कोडरमा, गिरिडीह और चतरा के रैयतों से जुड़े जमीन मुआवजे के भुगतान समेत तमाम विभागीय काम पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं. दरअसल, निवर्तमान अधिकारी निर्भर कुमार के स्थानांतरण के बाद बीते 27 मई से ही प्रभारी भू-अर्जन पदाधिकारी का पद खाली पड़ा है. कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी न होने से परेशान कई प्रभावित रैयत अपनी मुआवजा राशि पाने के लिए रोजाना दफ्तर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं. कार्यालय के कर्मचारियों के अनुसार, अधिकारी के न होने से न्यायालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानूनी मामले भी लंबित हो गए हैं. उल्लेखनीय है कि वर्ष 1965-66 में स्थापित किए गए इस ऐतिहासिक विशेष भू-अर्जन कार्यालय में वर्तमान समय में कर्मचारियों की भारी कमी है, यहां कुल 74 स्वीकृत पदों के मुकाबले महज 18 कर्मी ही कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश लिपिक (क्लर्क) एवं आदेशपाल वर्ग के हैं.

विस्थापितों का भुगतान अटका

अधिकारी के मौजूद नहीं रहने से विशेष रूप से रामगढ़ जिले में स्थित भैरवा जलाशय और कोडरमा-गिरिडीह जिले में फैली पंचखेरो जलाशय योजना से जुड़े सैकड़ों रैयतों के बीच मुआवजा वितरण का काम पूरी तरह अटक गया है. भैरवा जलाशय परियोजना के तहत नावाडीह, रूंडई, सोंठई, डभातू सहित आधा दर्जन गांवों के लगभग 200 रैयत सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. इन सभी विस्थापित परिवारों की जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों पर मिलने वाली मुआवजा राशि का निर्धारण तो पहले ही किया जा चुका है, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अंतिम हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी के न होने से यह राशि खाताधारकों तक नहीं पहुंच पा रही है.

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मई के बाद से काम पूरी तरह बंद

मुआवजा भुगतान की वर्तमान स्थिति को देखें तो कोडरमा और गिरिडीह दोनों जिलों में शामिल पंचखेरो जलाशय योजना से प्रभावित परिवारों के बीच बीते मई महीने की शुरुआत में नौ करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि का सफलतापूर्वक वितरण किया गया था. इस सफल वितरण के बाद जैसे ही 27 मई को पद खाली हुआ, तब से मुआवजा भुगतान का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. इस संबंध में कार्यालय के प्रधान लिपिक सुभाष चंद्र मंडल ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभारी भू-अर्जन पदाधिकारी के उपलब्ध नहीं रहने से संपूर्ण कार्यालय का कामकाज बुरी तरह प्रभावित है और रैयतों के बीच नई मुआवजा राशि के वितरण का कार्य पूरी तरह बंद है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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