[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड हजारीबाग बेहतर ग्रेड के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं पर जोर

बेहतर ग्रेड के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं पर जोर

0
बेहतर ग्रेड के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं पर जोर

हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) ने नैक संवेदीकरण एवं बेंचमार्किंग पर शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया. आइक्यूएसी निदेशक डॉ अविनाश कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. डॉ अविनाश ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय एवं केआर मंगलम विश्वविद्यालय गुरुग्राम की यात्रा के अनुभवों की चर्चा की. उन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुति द्वारा इन विश्वविद्यालयों द्वारा अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेस पर प्रकाश डाला. इसमें दस्तावेजीकरण, वेबसाइट अपडेट्स, फीडबैक सिस्टम एवं पारदर्शिता प्रमुख रूप से शामिल थीं. प्रस्तुति के दौरान विभावि में इन क्षेत्रों में कमी को रेखांकित किया गया तथा उनके समाधान पर चर्चा की गयी. बताया कि उन विश्वविद्यालय में प्रत्येक विषय पर एक नीति होती है तथा भविष्य के लिए सुपरिभाषित दृष्टि. डॉ अविनाश ने बताया कि इग्नू और केआर मंगलम विवि ने नैक मानदंडों के अनुरूप अपनी प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से मजबूत किया है. यहां फीडबैक समय से प्राप्त होता है. इसी प्रकार, वेबसाइट अपडेट्स के माध्यम से सभी जानकारियां तत्काल उपलब्ध करायी जाती हैं, जो पारदर्शिता को बढ़ावा देती हैं. उन्होंने विभावि को इन प्रथाओं को अपनाने की सिफारिश की ताकि नैक मूल्यांकन में उच्च ग्रेड प्राप्त किया जा सके. कार्यशाला में विवि के शिक्षक, अधिकारी एवं आइक्यूएसी सदस्य उपस्थित थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel