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बच्चों में परिवेश के अनुरूप संस्कार का निर्माण

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बच्चों में परिवेश के अनुरूप संस्कार का निर्माण

टाटीझरिया. प्रखंड क्षेत्र के मंडपा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर धरमपुर में व्यक्तित्व निर्माण संगोष्ठी सह मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय संरक्षक, प्रधानाध्यापक, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता का विधिवत पूजन किया और आरती उतारी. मातृ-पितृ पूजन के दौरान शिक्षक शंकर कुमार रवि ने मंत्रोच्चार कराया. व्यक्तित्व निर्माण संगोष्ठी में बच्चों के संस्कार, आचरण और जीवन मूल्यों से संबंधित विचार प्रस्तुत किये गये. विद्यालय संरक्षक मुकेश कुमार साव ने कहा कि जिस परिवेश में व्यक्ति रहता है, उसी के अनुरूप उसके संस्कारों का निर्माण होता है. इसलिए बच्चों को अच्छे और संस्कारित लोगों की संगति में रहना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. कक्षा नवम की छात्रा सुनैना कुमारी ने कहा कि बदलते समय में संस्कारों को शहरों में हीन भावना से देखा जाता है, जबकि संस्कार ही मानव के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं. अभिभावक कैलाश प्रसाद ने भी विचार रखे. प्रधानाचार्य बबलू प्रजापति ने कहा कि प्राचीन काल में आश्रमों में दी जाने वाली शिक्षा में संस्कारों की अहम भूमिका होती थी. आयोजन में प्रबंधक शंभु साव सहित सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अभिभावकों की सराहनीय भूमिका रही.

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