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Home झारखण्ड हजारीबाग असुरक्षित लिंक से बचने के लिए लेटर को पहचानना जरूरी : निदेशक

असुरक्षित लिंक से बचने के लिए लेटर को पहचानना जरूरी : निदेशक

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असुरक्षित लिंक से बचने के लिए लेटर को पहचानना जरूरी : निदेशक

साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता जरूरी: निदेशक

भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण ट्राई की सेमिनार

हजारीबाग.

भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ओर से होटल डॉलफिन रिसोर्ट ओकनी में सेमिनार हुआ. मोबाइल उपभोक्ताओं ने भाग लिया. इसमें यूसीइटी, वीबीयू के निदेशक डॉ एके साहा और दूरसंचार विभाग झारखंड के देवशंकर मुख्य रूप से शामिल हुए. सेमिनार में मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और उपभोक्ता जागरूकता के बारे में बताया गया. वहीं लोगों ने जिले में मोबाइल कनेक्टिविटी भविष्य में और भी बेहतर की मांग की. सेमिनार में निदेशक देवशंकर ने उपभोक्ताओं को बताया कि कुछ सालों में साइबर क्राइम के मामले में बढ़े हैं. ऐसे में उपभोक्ताओं को जागरूक होना जरूरी है. क्योंकि जागरूक होंगे, तभी ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं. आठ एमवी से कम साइज के एप को डाउनलोड न करें, असुरक्षित लिंक से बचने के लिए लिंक के पहले लिखे गये लेटर को पहचानना जरूरी है. फिर भी यदि साइबर क्राइम का शिकार हो गये हैं, तो तुरंत चार से आठ घंटे के अंदर टॉल फ्री नंबर 1930 में डायल कर सूचना दें. इससे ठगी की गयी राशि के वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है.कई बार एक व्यक्ति के नाम से कई सिम कार्ड होते हैं, लेकिन उपभोक्ता को इसकी जानकारी नहीं होती है. ऐसे में संचार साथी पाेर्टल में अपना नंबर डायल करने पर आपके नाम से जारी सारे सिम की सूची मिल जायेगी, जिसके बाद आप इसी पोर्टल के माध्यम से सिम को बंद कर सकते हैं. उपभोक्ताओं के बेहतर इंटरनेट सेवा के लिए कंपनी के 198 टॉल फ्री नंबर पर शिकायत करने पर उनकी इंटरनेट सेवा बेहतर होगी.

चक्षु पोर्टल :

यह दूरसंचार विभाग का ऐप है, जिसमें फोन कॉल और संदेशों की शिकायत की जा सकती है. इसके माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी और सेक्सटाॅर्सन जैसी शिकायत पोर्टल पर की जा सकती है और इसका निवारण भी होता है.

मोबाइल गुम होने पर सीइआइआर पोर्टल में शिकायत करें :

यह केंद्रीयकृत प्रणाली है. इस प्रणाली के तहत गुम हुए मोबाइल का इएमइआइ नंबर डाल कर अपने मोबाइल को प्रतिबंधित करा सकते हैं. इस कार्यक्रम में डॉ एके साहा, ट्राई के संयुक्त सलाहकार आसीम दत्ता, सीएजी के सदस्य प्रदीप कुमार मुखर्जी ने भी सेमिनार को संबोधित किया.

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