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निवेशक को धन संचयकर्ता नहीं धन निर्माता होना चाहिए : सूर्यकांत

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निवेशक को धन संचयकर्ता नहीं धन निर्माता होना चाहिए : सूर्यकांत

मार्खम कॉलेज में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार

हजारीबाग.

मार्खम कॉलेज में एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया व मार्खम कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गुरुवार को हुआ. वित्तीय शिक्षा एक जीवन कौशल एनइपी 2020 विषयक वेबिनार में वरिष्ठ सलाहकार व सेबी के पूर्व डीजीएम सूर्यकांत शर्मा ने वित्तीय सुरक्षा के महत्व पर कहा कि एक निवेशक को पहले सोचना चाहिए और आपातकालीन निधि को सुनिश्चित करना चाहिए. जो निरंतर निवेश के माध्यम से धन सृजन की यात्रा शुरू करने से पहले समृद्धि के लिए सबसे आवश्यक है. उन्होंने नियमित बचत और हर साल बचत में न्यूनतम 10 प्रतिशत की वृद्धि पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि निवेशकों को धन संचयकर्ता नहीं बल्कि धन निर्माता होना चाहिए, जो उन्हें जीवन में अपने मील के पत्थर के लिए धन की जरूरतों के संबंध में सहज बनायेगा. उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वास्तविक रिटर्न पर ध्यान देना चाहिए न की काल्पनिक रिटर्न पर. क्योंकि मुद्रास्फीति और कर देयता काफी हद तक काल्पनिक रिटर्न का बड़ा हिस्सा ले लेती है. उन्होंने प्रतिभागियों को आगाह किया कि सरकारी संस्थान को छोड़कर अधिकांश निवेशों में जोखिम है, लेकिन जोखिम को सरल सूत्र सोच कर, समझ कर, निवेश कर द्वारा प्रबंधित किया जा सकता है. प्रधानाचार्या डॉ संध्या प्रेम ने कहा कि इस तरह के वेबिनार के आयोजन से विद्यार्थियों के कौशल में वृद्धि होती है. वेबिनार का संचालन वाणिज्य विभाग के अंतरा गुप्ता ने किया और धन्यवाद ज्ञापन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ ब्रह्मदेव त्रिवेदी ने किया.

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