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जारी गांव अब भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा

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जारी गांव अब भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा

जारी. देश की आजादी के 78 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अलबर्ट एक्का का पैतृक गांव जारी अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. वर्ष 2010 में अलबर्ट एक्का के सम्मान में जारी प्रखंड का गठन किया गया, किन विकास की रोशनी अब तक इस क्षेत्र तक नहीं पहुंच पायी है. सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर यहां औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) की स्थापना कर दी, लेकिन संस्थान तक पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़क नहीं बन पायी है. मुख्य मार्ग से आइटीआइ तक की सड़क पूरी तरह कच्ची है, जो बरसात में कीचड़ से लथपथ हो जाती है. इस हालात में न केवल दोपहिया वाहन चलाना, बल्कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. बरसात में छात्र-छात्राएं अक्सर कीचड़ में गिर जाते हैं और उनके कपड़े खराब हो जाते हैं. कीचड़ से पैर फिसलने की घटनाएं आम हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. स्थानीय ग्रामीणों की प्रशासन से मांग की है कि आइटीआइ तक शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाये, ताकि विद्यार्थियों व ग्रामीणों को आवागमन करने में सुविधा मिल सके.

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