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Home झारखण्ड गुमला मांदर को जीआई टैग को लेकर टीम दिल्ली गयी

मांदर को जीआई टैग को लेकर टीम दिल्ली गयी

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मांदर को जीआई टैग को लेकर टीम दिल्ली गयी

19 गुम 12 में दिल्ली रवाना होने से पहले टीम के लोग डीसी के साथ प्रतिनिधि, गुमला गुमला के मांदर को जीआई टैग मिलने के अंतिम सुनवाई के लिए गुरुवार को गुमला के छह सदस्यीय जिला स्तरीय प्रसिद्ध कारीगरों व विशेषज्ञों की टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई. टीम में मांदर कारीगर बलदेव नायक, घनश्याम राम, राम नायक व रणजीत घांसी एवं जीआई एक्सपर्ट सत्यदीप कुमार व मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग के जिला समन्वयक सूरज कुमार शामिल हैं. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने टीम को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया. ज्ञात हो कि गुमला के मांदर को जीआई टैग मिलने की दिल्ली में अंतिम सुनवाई 10 दिसंबर को है. इधर, टीम के रवाना होने से पूर्व उपायुक्त ने टीम से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दी. उपायुक्त ने कहा कि मांदर गुमला जिले की सांस्कृतिक धरोहर और कारीगरी का प्रतीक है. यदि इसे जीआई टैग प्राप्त होता है, तो यह न केवल गुमला, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय होगा. यह हमारे कारीगरों के परिश्रम और कौशल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उपायुक्त ने कहा कि यहां का मांदर अपनी विशिष्टता और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. जीआई टैग मिलने से मांदर को बाजार में नयी पहचान मिलेगी और कारीगरों को आर्थिक प्रगति के अवसर प्राप्त होंगे. जिला प्रशासन इस प्रयास को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. यदि मांदर को जीआई टैग प्राप्त होता है तो यह क्षेत्रीय उत्पादों को स्थानीय से वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित होगी. इस दौरान मांदर कारीगरों ने भी अपनी खुशी को साझा किया. कहा कि पहली बार दिल्ली जो रहे हैं. हमारे मांदर को जीआई टैग मिलने से हमारे यह पारंपरिक उत्पादों को एक नया आयाम मिलेगा एवं हमारी कारीगरी को देश भर में एक पहचान मिलेगी. मौके पर डीआरडीए निदेशक विद्या भूषण, अभिनाश पाठक, अलीना दास सहित अन्य मौजूद थे.

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