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Home झारखण्ड गुमला छात्राएं खुद बना रहीं भोजन, गैस खत्म होने पर चूल्हे का ले रही सहारा

छात्राएं खुद बना रहीं भोजन, गैस खत्म होने पर चूल्हे का ले रही सहारा

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छात्राएं खुद बना रहीं भोजन, गैस खत्म होने पर चूल्हे का ले रही सहारा

पालकोट. पालकोट प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. हड़ताल के कारण विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मध्याह्न भोजन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मवि भुसड़ीटोली का निरीक्षण करने पर स्थिति चिंताजनक पायी गयी. विद्यालय में रसोइयों के हड़ताल पर रहने से छात्राएं स्वयं रसोईघर में मध्याह्न भोजन बनाती नजर आयीं. पूछे जाने पर छात्राओं ने बताया कि विद्यालय के सभी रसोइया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. विद्यालय प्रबंधन समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांव की एक महिला को भोजन बनाने की जिम्मेदारी दी है. हालांकि संबंधित महिला के अनुपस्थित रहने के कारण छात्राओं को स्वयं भोजन बनाना पड़ा. विडंबना यह रही कि भोजन बनाने के दौरान गैस समाप्त हो गया, जिसके बाद छात्राओं ने पारंपरिक चूल्हे में लकड़ी जला कर खाना तैयार किया. विद्यालय में कक्षा एक से सात तक कुल 56 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. यहां चार शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें दो सरकारी शिक्षक और दो पारा शिक्षक शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, एक शिक्षिका ओबिरा गांव के विद्यालय से यहां प्रतिनियुक्त हैं. प्रधान शिक्षिका मंजुला कुल्लू प्रायः विद्यालयी कार्यों के कारण विद्यालय से बाहर रहती हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. रसोइयों की हड़ताल और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण विद्यालय की शैक्षणिक और पोषण संबंधी व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं. स्थानीय अभिभावकों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.

लापरवाही के बीच निर्माण कार्य भी जारी

विद्यालय परिसर में लगभग 12 लाख रुपये की लागत से एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य भी चल रहा है. यह निर्माण कार्य गुमला के एक संवेदक द्वारा कराया जा रहा है. आरोप है कि संवेदक ने कार्य को बंगाली ठेकेदारों को पेटी कॉन्ट्रैक्ट में दे दिया है. प्रधान शिक्षिका की अनुपस्थिति में निर्माण कार्य की निगरानी नहीं हो पा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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