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धर्मसमाजी जीवन ईश्वरीय बुलाहट : बिशप लीनुस

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धर्मसमाजी जीवन ईश्वरीय बुलाहट : बिशप लीनुस

गुमला

. कार्मेल धर्म समाज सोसो की धर्मबहन सिस्टर बेनेदिक्ता की रजत जयंती बुधवार को मनायी गयी. सिस्टर बेनेदिक्ता का जन्म 1964 में पश्चिम बंगाल के मालबाजार सिलीगुड़ी में हुआ था. उसका लालन-पालन छत्तीसगढ़ के बड़ाकड़ोडा में हुआ. सिस्टर बेनेदिक्ता गरीब परिवार से थी. उन्होंने गुमला धर्मप्रांत के प्रथम बिशप स्व माइकेल मिंज के घोलेंग में रह कर बीए तक पढ़ाई पूरी की. इसके बाद सेक्रेटिएट की पढ़ाई की. इसके बाद वह हजारीबाग टीचर्स ट्रेनिंग स्कूल में दो वर्ष तक प्रशिक्षण देने व होली क्रॉस हॉस्पिटल में सात वर्ष तक अकाउंटेंट का कार्य किया. इसके बाद 1995 ईस्वी को कार्मेल धर्मसमाज में प्रवेश किया. कार्मेल धर्मसमाज में उन्होंने 11 सितंबर 1999 को प्रथम मन्नत और 29 मई 2003 को अंतिम व्रतधारण किया. वर्तमान में वह कार्मेल मठ सोसो में रह कर प्रार्थना द्वारा कलीसिया की सेवा कर रही है. इधर सिस्टर बेनेदिक्ता की रजत जयंती के अवसर पर सोसो चर्च में पवित्र ख्रीस्तयाग का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप लीनुस पिंगल एक्का ने पावन ख्रीस्तयाग बलिदान कराया. मौके पर बिशप ने कहा कि धर्मसमाजी जीवन ईश्वरीय बुलाहट है. कहा कि ईश्वरीय बुलाहट सभी को नहीं होती है, और जिन्हें बुलाहट होती है. वे स्वयं धर्मसमाजी जीवन में आ जाते हैं. वे स्वयं को ईश्वर के चरणों में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं और जीवन भर मानव सेवा करते हैं. उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि आज हम सभी धर्मबहन सिस्टर बेनेदिक्ता की रजत जयंती समारोह मना रहे हैं. मौके पर फादर गाब्रियल खेस, फादर अलेक्स किंडो, फादर कुरियन, फादर जस्टिन, फादर विजय, फादर सुधीर, फादर विलियम, फादर अगुस्टीन, फादर मनीष, फादर मूनसन बिलुंग समेत अन्य पुरोहित, धर्मबहनें व ख्रीस्त विश्वासी मौजूद थे.

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