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Home झारखण्ड गुमला धर्म, संस्कृति व परंपरा को बनाये रखने के लिए धार्मिक आयोजन जरूरी : मिशिर

धर्म, संस्कृति व परंपरा को बनाये रखने के लिए धार्मिक आयोजन जरूरी : मिशिर

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धर्म, संस्कृति व परंपरा को बनाये रखने के लिए धार्मिक आयोजन जरूरी : मिशिर

गुमला. महाशिवरात्रि पर गुमला के बेलगांव शिव मंदिर में आयोजित दो दिवसीय महाशिवरात्रि पूजा सह 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन का समापन सोमवार को भंडारा के साथ हुआ. अखंड हरिकीर्तन में बिना जात-पात व भेदभाव के लोगों ने सामूहिक रूप से भाग लिया और हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे के बोल और ढोल व मंजीरा के धुन पर थिरकते हुए भक्ति में डूबे रहे. मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी मिशिर कुजूर, दीपांकर साहू, तेलगांव के तपेश्वर सिंह व प्रदीप चौधरी मौजूद रहे. मुख्य अतिथि मिशिर कुजूर ने कहा कि धर्म, संस्कृति व परंपरा को बनाये रखने के लिए ऐसे आयोजन हर जगह होने चाहिए. पूजा समिति के राम प्रसाद सिंह ने बताया कि बेलगांव में मंदिर की स्थापना सन 1996 में हुई है, जहां लोग पूजा-पाठ करते थे. वर्ष 2014 में गांव की बैठक में मंदिर में महाशिवरात्रि में बृहद धार्मिक आयोजन करने का निर्णय लेते हुए इसकी शुरुआत की गयी. हर वर्ष गांव के सभी लोग नये उत्साह के साथ इस त्योहार में सामूहिक रूप से शामिल होते हैं, जो गांव की एकता व भाईचारगी की मिसाल है. अध्यक्ष दामोदर सिंह ने कहा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष महाशिवरात्रि का पूजन बड़े ही धूमधाम के साथ संपन्न हुआ. 24 घंटे के कीर्तन में गांव के काफी महिला-पुरुषों का सक्रिय भागीदारी रहा. कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य संरक्षक कृष्ण देव सिंह, संरक्षक बालेश्वर सिंह, बाबूलाल खरवार, घनश्याम सिंह, विश्वेश्वर सिंह, माधव सिंह, लल्लू सिंह, लव सिंह, रेणु सिंह, अध्यक्ष दामोदर सिंह, उपाध्यक्ष दुर्गा सिंह, सचिव सूरज सिंह, मुकेश सिंह, मंगलमय खेरवार, कंचन सिंह, उदित सिंह, गिरधारी गोप, महिला अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, सचिव मखैन देवी, यशमीन देवी आदि का सहयोग रहा.

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