[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गुमला 7 जिलों में सक्रिय था PLFI सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा, दर्ज थे 72 मामले

7 जिलों में सक्रिय था PLFI सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा, दर्ज थे 72 मामले

0
7 जिलों में सक्रिय था PLFI सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा, दर्ज थे 72 मामले
पीएलएफआई सुप्रीमो मारा गया.

PLFI News: झारखंड में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) मार्टिन केरकेट्टा राज्य के 7 जिलों में सक्रिय था. इन 7 जिलों में उस पर 72 मुकदमे दर्ज थे. सबसे ज्यादा 30 मुकदमे गुमला जिले में दर्ज हैं. सिमडेगा, चाईबासा, चतरा, हजारीबाग, रांची और खूंटी जिले में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं. गुमला के रहने वाले 15 लाख रुपए एक इनामी उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा को सुरक्षा बलों ने कामडारा थाना क्षेत्र के पारही जंगल के चंगाबाड़ी उपरटोली में मुठभेड़ में मार गिराया.

गुमला के कामडारा थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के चंगाबाड़ी उपरटोली इलाके में पीएलएफआई के सदस्यों और सुरक्षाबलों के बीच मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी, जो करीब एक घंटे तक चली. मुठभेड़ तब शुरू हुई, जब सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था.

7 जिलों की पुलिस को थी मार्टिन केरकेट्टा की तलाश

उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान मार्टिन केरकेट्टा के रूप में हुई, जो प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई का प्रमुख एवं एरिया कमांडर था. झारखंड के 7 जिलों के कई पुलिस थानों में दर्ज 72 मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

चंगाबाड़ी उपरटोली में पीएलएफआई से हुई मुठभेड़

गुमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीश बिन जमां ने बताया कि जैसे ही सुरक्षा बल चंगाबाड़ी उपरटोली पहुंचे, तो पीएलएफआई के उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसमें पीएलएफआई का प्रमुख एवं एरिया कमांडर मार्टिन केरकेट्टा मारा गया. उसके पास से एक पिस्तौल बरामद की गयी है.

एसपी को मिली थी उग्रवादियों के होने की सूचना

एसपी ने यह भी बताया कि उन्हें इलाके में पीएलएफआई के कुछ उग्रवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी सूचना के बाद उग्रवादियों के खिलाफ अभियान के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया. उन्होंने बताया कि जिस वक्त मुठभेड़ हुई, जंगल में 4 उग्रवादी मौजूद थे. 3 अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये.

गुमला, रांची, खूंटी समेत 7 जिलों में मुकदमे

उन्होंने बताया कि पीएलएफआई के स्वयंभू सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा पर 72 केस दर्ज थे. उसके खिलाफ सबसे ज्यादा 30 केस गुमला में दर्ज थे. सिमडेगा में 6, चाईबासा में 4, चतरा में 1, हजारीबाग में 3, रांची में 11 और खूंटी जिले में 17 मामले दर्ज हैं.

इसे भी पढ़ें

15 लाख का इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा मुठभेड़ में ढेर, दिनेशजज गोप के बाद बना था सुप्रीमो

शिबू सोरेन की अंतिम विदाई : प्रशासन की अव्यवस्था से समर्थकों में गुस्सा, आक्रोश और अफसोस

शिबू सोरेन की बहन की भावुक श्रद्धांजलि- पुलिस से बचने के लिए किसान, साधु के वेश में रहते थे भैया

Previous article इंसानियत फाउंडेशन ने तीन मरीजों को उपलब्ध कराया रक्त
Next article IND vs ENG सीरीज के बाद इंग्लिश टीम पर बरसे ग्रेग चैपल, इस खिलाड़ी पर फोड़ा हार का ठिकरा
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel