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लैंपस गोदाम में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का हो रहा इस्तेमाल

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लैंपस गोदाम में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का हो रहा इस्तेमाल

बिशुनपुर. सरकारी सिस्टम के नाक के नीचे भ्रष्टाचार किस तरह पनप रहा है, इसकी झलक बिशुनपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में साफ देखी जा सकती है, जहां रोज प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही होती है, वहीं लाखों रुपये की लागत से बन रही सेरका पंचायत के लैंपस गोदाम निर्माण में खुलेआम घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है. निर्माण कार्य में दो नंबर की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि इस कार्य की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक को नहीं है. पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि न तो निर्माण शुरू होने से पहले कोई सूचना दी गयी और न ही गुणवत्ता की निगरानी की कोई व्यवस्था की गयी. इससे पूरे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इधर, प्रखंड मुख्यालय परिसर में ही भारी मात्रा में बालू डंप किया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मुख्यालय के अंदर ही नियमों की अनदेखी हो रही है, तो दूर-दराज क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है.

इंजीनियर नदारद, मिस्त्रियों के भरोसे निर्माण

निर्माण स्थल पर तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. न तो संवेदक मौके पर मौजूद रहता हैं और न ही विभाग का कोई इंजीनियर. पूरा काम मजदूरों व मिस्त्रियों के भरोसे चल रहा है. ऐसे में सीमेंट-बालू का अनुपात, ईंटों की गुणवत्ता और भवन की मजबूती पर सवाल उठना लाजिमी है. देखने से ही स्पष्ट है कि मानकों से समझौता कर जल्दबाजी में काम निपटाने की कोशिश की जा रही है.

शिकायत मिली है, जांच की जायेगी : बीडीओ

इस मामले में पूछे जान पर बीडीओ सह सीओ सुलेमान मुंडरी ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिली है. मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

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