बसंत साहू, बिशुनपुर बिशुनपुर प्रखंड के गुरदरी थाना क्षेत्र स्थित कुंजाम बॉक्साइट माइंस में मजदूरों की सुरक्षा को दरकिनार कर खनन कार्य कराये जाने का गंभीर मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों और मजदूरों के अनुसार माइंस संचालक ज्ञानचंद अग्रवाल के अधीन संचालित इस खनन क्षेत्र में अधिकांश मजदूर बिना सेफ्टी हेलमेट, सुरक्षा जूते और अन्य आवश्यक उपकरणों के ही बॉक्साइट उत्खनन एवं लोडिंग कार्य कर रहे हैं. खनन जैसे जोखिमपूर्ण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने के समान है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है कुछ समय पूर्व चौरापाट क्षेत्र के एक बॉक्साइट माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान एक मजदूर की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद कुंजाम माइंस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. मजदूरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब किसी विभागीय अधिकारी या निरीक्षण दल के आने की सूचना मिलती है तभी उन्हें दिखावे के लिए हेलमेट और सुरक्षा जूते उपलब्ध कराए जाते हैं. सामान्य दिनों में वे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही खदान में काम करने को मजबूर हैं. असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने के कारण कई बार उन्हें चोटें भी लगी हैं, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं देता. कई मजदूर उन्हें घर पर छोड़कर आ जाते हैं वहीं माइंस प्रबंधक विनोदानंद मिश्रा का कहना है कि सभी मजदूरों को सुरक्षा जूते और हेलमेट उपलब्ध कराये गये हैं, लेकिन कई मजदूर उन्हें घर पर छोड़कर आ जाते हैं. सवाल यह उठता है कि यदि उपकरण उपलब्ध हैं तो बिना हेलमेट और जूतों के मजदूरों को खदान में काम करने की अनुमति क्यों दी जाती है. यह स्पष्ट करता है कि प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा.