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पत्नी की हत्या के आरोपी पति को उम्रकैद की सजा

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पत्नी की हत्या के आरोपी पति को उम्रकैद की सजा

गुमला. गुमला जिला के बिशुनपुर थाना के सेरका गांव में तीन साल पहले हुई रंथी देवी हत्याकांड में गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश- वन सह विशेष न्यायाधीश महिला, एससी-एसटी एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध की अदालत के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने आरोपी पति दिलेश्वर खेरवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. जज ने आइपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह महीना अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. इस मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक अजय रजक ने पैरवी की. घटना आठ मई 2023 की है. सेरका गांव निवासी 35 वर्षीय रंथी देवी ने अपने ही गांव के दिलेश्वर खेरवार से प्रेम विवाह किया था. शुरुआत में दोनों के रिश्ते सामान्य रहे. लेकिन धीरे-धीरे संबंधों में कड़वाहट बढ़ती चली गयी. छोटी-छोटी बातों पर विवाद होना आम बात हो गयी थी. बताया जाता है कि दिलेश्वर अक्सर दूसरी शादी करने की धमकी देता था, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण बना रहता था. घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच बहस हो रही थी. घर से उठ रही आवाज सुन कर रंथी देवी की मां वहां पहुंची. लेकिन उसके पहुंचते दिलेश्वर ने अपनी पत्नी रंथी के गर्दन को टांगी से काट कर हत्या कर दी थी. प्रत्यक्षदर्शी मां के अनुसार विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि दिलेश्वर ने हाथ में पकड़ी टांगी से रंथी देवी के गर्दन पर वार कर दिया था. वार इतना भयावह था कि उसकी हालत गंभीर हो गयी. अपनी बेटी को लहूलुहान हालत में तड़पता देख मां दहशत में चीखती हुई जंगल की ओर भागी. उस समय रंथी देवी के पिता फूलचंद नायक पास के जंगल में लकड़ी काटने गये थे. पत्नी की चीख सुन कर वह दौड़ते हुए घर पहुंचे. जब तक वह बेटी के पास पहुंचे, उसकी मौत हो चुकी थी. वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया था. घटना के बाद मृतका के पिता फूलचंद नायक ने बिशुनपुर थाना में आरोपी दामाद दिलेश्वर खेरवार के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस जांच, गवाहों के बयान और अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर मामला साबित हुआ. करीब तीन साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी है.

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