गुमला शहर रामनवमी महोत्सव की तैयारियों में पूरी तरह डूबा हुआ है. सड़कों और गलियों में आस्था का रंग बिखरा है. हर चौक-चौराहे पर महावीरी झंडे और भगवा पताकाएं लहरा रही हैं. भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के विशाल कटआउट इस बार शहर की पहचान बन गए हैं. शाम ढलते ही रोशनी और सजावट से पूरा शहर एक भव्य धार्मिक स्थल में तब्दील हो जाता है. केंद्रीय महावीर मंडल और विभिन्न हिंदू संगठनों की अगुवाई में इस बार रामनवमी को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है. मंडल के अध्यक्ष अजय सिंह राणा और सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि इस वर्ष कुल 24 अखाड़े शोभायात्रा में हिस्सा लेंगे. हर अखाड़ा अपनी पारंपरिक कला-कौशल और अलग पहचान के साथ लोगों को आकर्षित करेगा. इसके अलावा लगभग 14 भव्य झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित होंगी. नवमी के दिन मुख्य शोभायात्रा दोपहर तीन बजे टावर चौक से प्रारंभ होगी. यह पालकोट रोड, सिसई रोड, मेन रोड और लोहरदगा रोड से गुजरते हुए देर रात करीब एक बजे पुनः टावर चौक पर समाप्त होगी. इस बार आयोजन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जो सामाजिक समरसता और बदलते दौर की सकारात्मक झलक पेश करती है. महोत्सव को सफल बनाने में केंद्रीय महावीर मंडल के संरक्षक, पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु दिन-रात जुटे हुए हैं. जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. गुमला थाना क्षेत्र के टावर चौक, सिसई रोड तालाब, सरना टोली, पटेल चौक, करौंदी, करमटोली, टोटो, आंजन व बसुवा सहित कई स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी, जवान और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे. इसी तरह अन्य थाना क्षेत्रों में भी संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. केंद्रीय महावीर मंडल ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं. जुलूस में शराब सेवन और डिस्को डांस पर प्रतिबंध रहेगा. बजरंग बली और जय श्रीराम के नारे लगाये जायेंगे. अस्त्र-शस्त्र चालन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है. जुलूस कतारबद्ध होकर निकलेगा और समिति के लोग व्यवस्था पर नजर रखेंगे.