प्रथम परम प्रसाद बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है : फादर ब्यातुष

प्रथम परम प्रसाद बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है : फादर ब्यातुष

By Akarsh Aniket | June 7, 2026 10:04 PM

प्रतिनिधि, डुमरी

डुमरी प्रखंड के आरसी नवाडीह एवं रजावल चर्च में रविवार को प्रथम परम प्रसाद समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में श्रद्धा व भक्ति के बीच नवाडीह में 155 एवं रजावल चर्च में 110 बच्चे-बच्चियों ने प्रथम परम प्रसाद ग्रहण किया. इससे पूर्व नवाडीह में मुख्य अनुष्ठाता फादर ब्यातुश किंडो एवं रजावल चर्च में मुख्य अनुष्ठाता फादर दोमनिक तिर्की ने मिस्सा अनुष्ठान कराया. मौके पर फादर ब्यातुष किंडो ने कहा कि कलिसिया समाज में छोटे-छोटे बच्चे पहली बार प्रभु यीशु मसीह के पवित्र शरीर और रक्त के प्रतीक परम प्रसाद को ग्रहण कर अपने आध्यात्मिक जीवन की एक महत्वपूर्ण यात्रा का आरंभ करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रथम परम प्रसाद केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ईसाई जीवन में प्रभु यीशु के साथ गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने का पवित्र अवसर है. यह संस्कार बच्चों को विश्वास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और मानव सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

परम प्रसाद ग्रहण करने के माध्यम से विश्वासी प्रभु यीशु की उपस्थिति को अपने जीवन में स्वीकार करते हैं तथा उनके प्रेम और करुणा के संदेश को आत्मसात करते हैं. उन्होंने कहा कि चर्च केवल प्रार्थना का केंद्र नहीं है, बल्कि ऐसे धार्मिक समारोह में बच्चों में आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय गुणों का भी विकास करते हैं. समारोह में बच्चों ने सफेद परिधान पहनकर मिस्सा में भाग लिया. सफेद वस्त्र उनकी आत्मिक शुद्धता, समर्पण और नये विश्वास के जीवन का प्रतीक माना जाता है. समारोह में फादर पिंगल कुजूर, फादर एडवर्ड लकड़ा, फादर अलोइस ठिठियो, फादर अमरदीप, फादर समीर एक्का, फादर क्रिस्टोफर डुंगडुंग, फादर जॉन फेबियन एक्का, फादर संजय तिग्गा, फादर निरंजन तिर्की, फादर अजय, सिस्टर दिव्या, सिस्टर बेरनासिया, माता सिस्टर फ्लोरा, सिस्टर भूषण, सिस्टर पुष्पा सहित सैकड़ों धर्मावलंबी उपस्थित थे.