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Home झारखण्ड गुमला आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर दिया गया जोर

आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर दिया गया जोर

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आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर दिया गया जोर

डुमरी. प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत क्षेत्र में रबी फसल की खेती को सुरक्षित रखने व किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को लेकर पंचायत के पांच गांवों के ग्रामीणों की संयुक्त बैठक रविवार को डुमरी में हुई. अध्यक्षता प्रेम प्रकाश उरांव ने की. बैठक में रबी फसल के उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के साधन तथा आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गयी. ग्रामीण बीरेंद्र भगत, सुधीर उरांव, मदन भगत, जयचंद भगत, सरजू तिर्की, केश्वर कुम्हार, अनिल भगत, हेमंत भगत, रामकृपा भगत, अमूल भगत, बिल्फ्रेड टोप्पो समेत अन्य किसानों ने बताया कि रबी फसल इस क्षेत्र के किसानों की आय का प्रमुख आधार है. बेहतर उत्पादन के माध्यम से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ायी जा सकती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है. इस दौरान उन्नत बीजों के उपयोग, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया. वहीं ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि बीते कुछ दिनों से आवारा पशुओं की समस्या गंभीर होती जा रही है. खुले में छोड़े गये पशु रात के समय खेतों में घुस कर तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है. किसानों ने बताया कि दिन-रात मेहनत करने के बावजूद फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है. बैठक में पशुपालकों से अपील की गयी कि वे अपने पशुओं को नियंत्रित रखें और खुले में न छोड़ें. यदि पशुपालकों द्वारा लापरवाही बरती जाती है और फसलों को नुकसान होता है, तो मजबूरन पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड प्रशासन तक शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जायेगी. बैठक में डुमरी, पतराटोली, बेलटोली, टांगरडीह, बासाटोली, जिलिंगटोली, टंगराटोली आदि गांव के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.

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