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डॉ प्रफुल्लचंद्र राय की जयंती मनायी गयी

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डॉ प्रफुल्लचंद्र राय की जयंती मनायी गयी

सिसई. रणजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में शनिवार को डॉ प्रफुल्लचंद्र राय की जयंती मनायी गयी. एचएम देवेंद्र वर्मा व कमल सिंह ने चित्र में माल्यार्पण किया. एचएम देवेंद्र वर्मा ने डॉ प्रफुल्लचंद्र राय की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रफुल्लचंद्र राय का जन्म दो अगस्त 1861 में जैसोर ज़िले के ररौली गांव में हुआ था. अब यह गांव बांग्लादेश के खुल्ना ज़िले में है. उनके पिता हरिश्चंद्र राय गांव के प्रतिष्ठित ज़मींदार थे. प्रफुल्ल चंद्र राय एक बंगाली रसायनज्ञ व वैज्ञानिक थे. उन्हें मरकरी नाइट्राइट की स्थिर खोज के लिए भारतीय रसायन विज्ञान के पिता के रूप में जाना जाता है. इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच विज्ञान प्रश्नमंच प्रतियोगिता हुई. मौके पर जितेंद्र कुमार साहू, नाथु भगत, कौशल्या कुमारी, सरिता कुमारी सहित सभी शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे. शिरोमणि संत तुलसीदास की जयंती मनायी गुमला. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला में शनिवार को संत तुलसी दास की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के आचार्य योगेंद्र मल्लिक, कार्यक्रम प्रमुख संगीता कुमारी, दिवस प्रमुख संजय कुमार, शांतनु सिंह ने किया. आचार्या संगीता कुमारी ने महर्षि तुलसीदास के जीवन पर प्रकाश डालते भैया बहनों को उनके जीवन दर्शन, संस्कार से परिचित करवाया. आचार्या उमा कुमारी ने कहा कि महाकवि तुलसीदास एक उत्कृष्ट कवि ही नहीं, महान् लोकनायक व तत्कालीन समाज के दिशा-निर्देशक भी थे. भैया बहनों द्वारा तुलसीदास से जुड़ी कविता तथा उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं को याद किया गया. सुलेख प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता व निबंध प्रतियोगिता हुई. प्रतियोगिता में रिया सिंह, अहिल्या कुमारी, अभिषेक कुमार, तान्या जायसवाल, पलक सिंह, चंचल कुमारी, प्रवीण कुमार, अपूर्वी प्रसाद, भूमिका कुमारी, आस्था भगत, आयुष कुमार, अनिमा कुमारी, अर्पिता कुमारी, सूर्यकुमार राम अपने अपने वर्गों में चयनित हुए. चयनित प्रतिभागी का निबंध प्रांत स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में शामिल होगी. निबंध प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में आचार्य योगेंद्र कुमार एवं संगीता कुमारी तथा सुलेख एवं चित्रकला के निर्णायक के रूप में कमल किशोर पांडे रहे.

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