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Home झारखण्ड गुमला सीएम के निर्देश के बावजूद दिव्यांग परदेशिया को नहीं मिला आवास

सीएम के निर्देश के बावजूद दिव्यांग परदेशिया को नहीं मिला आवास

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सीएम के निर्देश के बावजूद दिव्यांग परदेशिया को नहीं मिला आवास

गुमला. यह मामला सिर्फ एक गरीब व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है. गुमला जिले के भरनो प्रखंड स्थित अंबाटोली गांव के निवासी परदेशिया लोहरा, जो दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. हालात इतने दयनीय हैं कि उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है, लेकिन मजबूरी में वह अपने हाथों के सहारे रेंगकर करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर गुमला समाहरणालय पहुंचते हैं और जनता दरबार में अपनी फरियाद रखते हैं. मामला तब और गंभीर हो जाता है जब यह सामने आता है कि परदेशिया ने अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचायी थी. इसके बाद 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव ने उपायुक्त गुमला को पत्र भेज कर जांच कर नियमानुसार आवास उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया था. इसके बावजूद तीन महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला. बताया जा रहा है कि यह महत्वपूर्ण पत्र उपायुक्त कार्यालय में ही दब कर रह गया और आगे प्रखंड स्तर तक पहुंच ही नहीं पाया. नतीजतन परदेशिया की समस्या जस की तस बनी हुई है. परदेशिया का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई. अंततः मुख्यमंत्री तक गुहार लगाने के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया. सबसे चिंताजनक बात यह है कि गरीबों को पक्का घर देने के उद्देश्य से चल रही योजना का लाभ पाने के लिए एक दिव्यांग व्यक्ति को इस तरह संघर्ष करना पड़ रहा है.

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