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Home झारखण्ड गुमला एक्सप्रेस वे निर्माण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय

एक्सप्रेस वे निर्माण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय

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एक्सप्रेस वे निर्माण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय

गुमला. आदिवासी किसान मजदूर पार्टी व अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा की संयुक्त बैठक इंडोर स्टेडियम में गांधी प्रतिमा के समीप हुई. इसमें भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-धनबाद एक्सप्रेस वे निर्माण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जन प्रस्ताव पारित कर भरदा से कटकायां तक 32 किमी रैयती भूमि में किसी भी प्रकार का सड़क निर्माण से संबंधित काम पर रोक लगायी गयी. जिलाध्यक्ष सनिया उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार की आदिवासी विरोधी मंशा कामयाब नहीं होने दी जायेगी. सड़क निर्माण के अन्य विकल्प मौजूद होने के बावजूद सरकार आदिवासियों की उपजाऊ जमीन हड़प कर कॉर्पोरेट्स को लाभ पहुंचाना चाहती है. बैठक में 22 व 23 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष दो दिवसीय घंटा पिटावन धरना आयोजित करने का निर्णय लिया गया. मौके पर सुरेश प्रसाद यादव, चापा उरांव, मतियस लकड़ा, नवल उरांव, मनबहाल उरांव, दीपू एक्का, मंगरू उरांव, बिंझू उरांव, बिरसाय उरांव, राजेश मिंज,एलेश्वर उरांव, फिलमोन टोप्पो, विजय तिग्गा, सियोन टोप्पो, राकेश मिंज, विश्राम लकड़ा समेत अन्य मौजूद थे.

बिमरला माइंस से ट्रांसपोर्टिंग बंद कराने का निर्णय

घाघरा. ऑल बॉक्साइट माइंस संघर्ष समिति गुमला की बैठक रविवार को घाघरा प्रखंड के कोडले गांव में हुई. अध्यक्षता संरक्षक शिव कुमार भगत टुनटुन ने की. बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्र घाघरापाठ, घुंघरूपाठ, बीरोपानी व डेंबाडीह समेत कई लोग मौजूद थे. बैठक में निर्णय लिया गया कि जनवरी माह के पहले सप्ताह से बिमरला माइंस का ट्रांसपोर्टिंग व खनन कार्य बंद करा दिया जायेगा. इस दौरान शिवकुमार भगत टुनटुन ने कहा हिंडालको कंपनी द्वारा शोषणात्मक कार्रवाई से आमजन त्रस्त हैं. हिंडालको को 18 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें स्थानीय लोगों को नौकरी, ट्रांसपोर्टिंग, प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा समेत कई मूलभूत सुविधाएं शामिल थी. 15 दिन बीतने के बाद भी हिंडालको चुप्पी साधे है, जिसे देखते हुए कोडले गांव में बैठक की गयी. बैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जनवरी के पहले सप्ताह से ट्रांसपोर्टिंग व खनन कार्य बिमरला माइंस का पूरी तरह से बंद रहेगा. जब तक कंपनी आकर 18 सूत्री मांग पर पहल नहीं करेगी, तब तक के लिए ट्रांसपोर्टिंग व खनन कार्य बंद रहेगा. मौके पर संरक्षक इस्लाम अंसारी, अध्यक्ष राजू उरांव, बीनू राम, बसंत भगत, तबरेज खान, नयामुल अंसारी, जेवियर लकड़ा, जेम्स उरांव, रूबेन एक्का संदीप तिर्की, सचिन साहू, सुमंत ठाकुर, मुकुल उरांव, विनोद असुर, फिरू असुर, गंडरा असुर आदि मौजूद थे.

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