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गुमला में ज्वार, बाजरा, सूर्यमुखी व अरंडी की खेती पर संकट

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गुमला में ज्वार, बाजरा, सूर्यमुखी व अरंडी की खेती पर संकट
खेतों में काम करते किसान

जिले में हाल के दिनों में कुछ बहुत बारिश हुई, तो धान की खेती में सुधार हुआ है. परंतु, खरीफ फसलों की खेती लक्ष्य के विरुद्ध आच्छादन की स्थिति चिंताजनक है. जिले में हर साल खरीफ मौसम में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, मड़ुवा, अरहर, उरद, मूंग, कुल्थी, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, सूर्यमुखी, सरगुजा व अरंडी समेत अन्य दलहन फसलों की खेती होती है. जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक ज्वार, बाजरा, सूर्यमुखी व अरंडी की खेती अब तक शुरू तक नहीं हुई है. वहीं सोयाबीन एक प्रतिशत, तिल नौ, कुल्थी 18, सरगुजा 27, मूंग 43, अरहर 55, उरद 78, धान 79, मक्का 79, मूंगफली 83 व मड़ुवा की खेती 89 प्रतिशत हुई है. जिला कृषि विभाग द्वारा हर साल खरीफ की इन फसलों के आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है.

इस साल भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध ओवरऑल 75.89 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो सकी है. धान गुमला जिले की मुख्य फसल है. हर साल की तरह इस साल भी जिले भर में 1.88 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके विरुद्ध 148038 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई है, जिसमें रोपा विधि से 115812 तथा छींटा विधि से 32226 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई है. जिले में अब तक कुल 79 प्रतिशत धान की खेती हुई है. सोयाबीन 300 हेक्टेयर के विरुद्ध चार हेक्टेयर, तिल 100 के विरुद्ध 8.8 हेक्टेयर, कुल्थी 2500 के विरुद्ध 443 हेक्टेयर, सरगुजा 1500 के विरुद्ध 411 हेक्टेयर, अन्य दलहन 2200 के विरुद्ध 624 हेक्टेयर, मूंग 1500 के विरुद्ध 645 हेक्टेयर, अरहर 16000 के विरुद्ध 8872 हेक्टेयर, उरद 8000 के विरुद्ध 6224 हेक्टेयर, मक्का 8100 के विरुद्ध 6382 हेक्टेयर, मूंगफली 5000 के विरुद्ध 4153 हेक्टेयर और मडुवा की खेती 10 हजार हेक्टेयर के विरुद्ध 8867 हेक्टेयर भूमि पर हुई है.

बारिश की स्थिति भी ठीक नहीं:

जिले में इस साल मॉनसून आगमन के बाद सामान्य बारिश की अपेक्षा वास्तविक बारिश की स्थिति ठीक नहीं है. जून माह में 205.3 मिमी सामान्य बारिश के विरुद्ध 115 मिमी हुई. जुलाई माह में 299.7 मिमी सामान्य बारिश के विरुद्ध 170.2 मिमी तथा अगस्त माह में 265.7 मिमी के विरुद्ध 166.4 मिमी बारिश हुई. सितंबर माह में 216.7 मिमी सामान्य बारिश की जरूरत है, जिसके विरुद्ध 20 सितंबर तक 116.3 मिमी बारिश हुई है.

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