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कछुआ गति से चल रहा निर्माण कार्य, ग्रामीणों में आक्रोश

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कछुआ गति से चल रहा निर्माण कार्य, ग्रामीणों में आक्रोश

जारी. अलबर्ट एक्का प्रखंड के जारी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जलमीनार का कार्य कछुआ गति से चल रहा है. करीब तीन वर्ष पूर्व योजना को हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल था, लेकिन निर्माण कार्य की सुस्ती के कारण लोगों को अब भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. बताया जाता है कि पीएचइडी विभाग द्वारा इस जलमीनार का निर्माण 14 करोड़, 92 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है. योजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, किंतु ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य अब तक अधूरा है. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले चार महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है. तीन वर्षों से अधर में लटकी इस योजना के कारण गांव में जल संकट गहराता जा रहा है. गर्मी की शुरुआत के साथ ही समस्या और गंभीर हो गयी है. महिलाएं और बच्चे दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं. जिप सदस्य दिलीप बड़ाइक ने कहा कि जलमीनार का निर्माण क्षेत्रवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन कार्य में हो रही लापरवाही से लोग परेशान हैं. उन्होंने निर्माण में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाये, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके.

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