[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गोड्डा अनुसंधान दुरूस्त होगा, तो जजमेंट भी रहेगा बेहतर : पीडीजे

अनुसंधान दुरूस्त होगा, तो जजमेंट भी रहेगा बेहतर : पीडीजे

0
अनुसंधान दुरूस्त होगा, तो जजमेंट भी रहेगा बेहतर : पीडीजे

झालसा के निर्देश पर डालसा की ओर से रविवार को व्यवहार न्यायालय के लाइब्रेरी सभागार में पॉस्को व जेजे एक्ट में नित्य दिन हो रहे सुधार की जानकारी कार्यशाला के माध्यम से दी गयी. कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारी, बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी, कर्मी व एलएडीसी के अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया था. न्यायिक अधिकारियों ने कार्यशाला में दोनों एक्ट के मामले में सभी स्टेक होल्डर्स को कीमती व जरूरी जानकारियां प्रदान की. कार्यक्रम की शुरूआत डालसा के अध्यक्ष सह पीडीजे राजेश कुमार वैश्य, फेमिली जज अनिल कुमार पांडेय, जिला जज प्रथम कुमार पवन, द्वितीय निरुपम कुमार, तृतीय ऋचा श्रीवास्तव, रजिस्टार सतीश कुमार मुंडा, जेजे बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट मुक्ति भगत, सदर एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, महागामा एसडीओ आलोक वरण केशरी, सदर डीएसपी जेपीएन चौधरी आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला के माध्यम से पीड़ित बच्चों को न्याय सुलभ कराने व पक्साे एक्ट एवं जुवेनाइल जस्टिस के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी. कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार ने किया. उन्होंने ही विषय प्रवेश कराया और सभी को इसकी महत्ता के बारे में जानकारी दी. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य ने कहा कि अनुसंधान अगर दुरुस्त होगा, तो परिणाम भी बेहतर आएगा. सर्वोच्च न्यायालय की ओर से जजमेंट में अनेक प्रकार के बदलाव किये जा रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए समय के अनुसार तैयार रहने की जरूरत है. बेहतर तरीके से अनुसंधान किये जाने पर बल दिया. कहा कि पीड़िता का 164 के तहत बयान काफी महत्वपूर्ण है. कहा कि पॉक्सो एवं जुवेनाइल जस्टिस में पीड़िता को न्याय सुलभ कराने को लेकर मल्टी स्टेक होल्डर के रूप में पीड़ित या पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस, बाल कल्याण समिति, चिकित्सा पदाधिकारी, लोक अभियोजक, अधिवक्ता आदि की भूमिका अहम है. परिवार न्यायालय के प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय, जिला जज प्रथम कुमार पवन, जिला जज तृतीय ऋचा श्रीवास्तव, जेजे बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट मुक्ति भगत आदि ने परिचर्चा के माध्यम से अनुसंधानकर्ता को दायित्व बोध कराया. घटना के बारे में चिकित्सक को भी पीड़िता से पूछताछ करने की जरुरत पर जोर दिया, ताकि सबों के मेलजोल से पीड़िता को न्याय मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel